सुविधाओं की मांग को लेकर बरहज रेलवे स्टेशन पर अनिश्चितकालीन धरना

कांग्रेस का धरना दूसरे दिन भी जारी: बरहज रेलवे स्टेशन की बदहाली पर उठा सवाल


बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।बरहज रेलवे स्टेशन की बदहाल स्थिति को लेकर कांग्रेस का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। कांग्रेस प्रवक्ता रविप्रताप सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने अनिश्चितकालीन धरना जारी रखते हुए रेल प्रशासन और सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई।
धरने के दौरान रविप्रताप सिंह ने कहा कि बरहज रेलवे स्टेशन वर्षों से उपेक्षा का शिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि डबल इंजन सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात कुछ और ही कहानी बयां करते हैं। बरहज रेलवे स्टेशन पर बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है, जिससे यात्रियों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
यात्रियों को नहीं मिल रहीं मूलभूत सुविधाएं
धरना स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने बताया कि बरहज रेलवे स्टेशन पर पेयजल, शौचालय और पर्याप्त बिजली व्यवस्था जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। विशेष रूप से महिला यात्रियों को प्रसाधन की कमी के कारण गंभीर असुविधा झेलनी पड़ती है।
रविप्रताप सिंह ने कहा कि यह स्टेशन ब्रिटिश काल का है, लेकिन आज तक इसका समुचित आधुनिकीकरण नहीं हो सका। उन्होंने बताया कि वाराणसी रेल मंडल के डीआरएम से कई बार बातचीत की गई और सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन भी मिला, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
“बरहज रेलवे स्टेशन अपनी दुर्दशा पर आँसू बहा रहा है”
अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “बरहज रेलवे स्टेशन अपनी दुर्दशा पर आँसू बहा रहा है। यात्रियों को न तो स्वच्छ पेयजल मिल रहा है और न ही सुरक्षित प्रतीक्षालय। बिजली व्यवस्था भी अक्सर बाधित रहती है।”
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही बरहज रेलवे स्टेशन पर आवश्यक सुधार नहीं किए गए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्टेशन परिसर में बैठकर शांतिपूर्ण ढंग से धरना दिया और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
धरने में नगर अध्यक्ष जितेंद्र जायसवाल ‘जीतू’, भोला तिवारी, रमेश तिवारी, नागेंद्र शुक्ल, चंद्रभूषण पाण्डेय, रविप्रकाश तिवारी, अरविंद कुशवाहा, आजाद अंसारी, राजेंद्र पाल, रामसनेही, शिव कुमारी देवी, उषा देवी, किरन देवी, अफजल अंसारी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सभी ने एक स्वर में कहा कि बरहज रेलवे स्टेशन की बदहाली अब और बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्थानीय नागरिकों ने भी इस आंदोलन का समर्थन करते हुए स्टेशन पर मूलभूत सुविधाओं की बहाली की मांग की।
स्थानीय लोगों में बढ़ रहा आक्रोश
बरहज रेलवे स्टेशन पूर्वांचल के कई गांवों और कस्बों के लिए महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र है। यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र, व्यापारी और मजदूर यात्रा करते हैं। ऐसे में स्टेशन पर सुविधाओं की कमी सीधे तौर पर आम जनता को प्रभावित कर रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बरहज रेलवे स्टेशन को विकसित करने से क्षेत्रीय व्यापार और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। स्टेशन का आधुनिकीकरण न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि क्षेत्र की छवि को भी सुदृढ़ करेगा।
क्या हैं प्रमुख मांगें?
स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था,महिला एवं पुरुष शौचालयों का निर्माण,नियमित बिजली आपूर्ति,प्लेटफॉर्म की मरम्मत और साफ-सफाई,
प्रतीक्षालय की व्यवस्था,कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि जब तक बरहज रेलवे स्टेशन पर सुधार कार्य शुरू नहीं होता, तब तक धरना जारी रहेगा।

Editor CP pandey

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