मेहनत करने वाले छात्रों के साथ हो रहा अन्याय कौन जिम्मेदार ?

देश के परीक्षा विभाग में भ्रष्टाचार क्यों

गुजरात(राष्ट्र की परम्परा)l कल मैं अपने फोन को स्क्रोल कर रहा था कि, एक पोस्ट मेरे स्क्रीन पर आया जो इस तरह था, “समझ नहीं आता कि, मैं परीक्षा की तैयारी करूं या परीक्षा में सेटिंग का जुगाड करु!”
अभी देश के परीक्षा विभाग में जो नौटंकी देखने को मिल रहा है उससे तो यही लगता है की हमारे देश की तमाम शैक्षणिक व्यवस्था कमजोर पड़ रहा है, जिसे चुस्त दुरुस्त होना चाहिए।
भारत के परीक्षा विभाग की लापरवाही या सेटिंग से छात्रों में निराश भर रहा हैं क्योंकि जो छात्र कड़ी मेहनत करते हैं, उनके लिए बुरा लगता है। जो डिजर्व करते हैं मगर सीट कोई और ले जा रहा है?? ऐसे छात्रों के साथ तो अन्याय ही हो रहा है।
उड़ीसा पेपर लीक, बीपीएससी पेपर लीक,बीपीएससी शिक्षक परीक्षा पेपर लीक, एमपी पीसीएस पेपर लीक, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की आरओ/एआरओ परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामला।
और अब सम्मान जनित NEET 2024 पेपर लीक मामला ये तो चंद नाम है जो परीक्षा में पेपर लीक का मामला आया है। इसके अलावा राजस्थान, गुजरात एवं देश के कई राज्यों में प्रतियोगिता परीक्षा में पेपर लीक का मामला आता रहता है। डिजर्व करने वाले छात्र निराश होकर रोते रह जाते हैं और सेटिंग वाले छात्र परीक्षा पास कर जाते हैं।
काबिलियत और सच्चाई धरी की धरी रह जाती है और झूठ और ठगी जीत जाती है।
NEET परीक्षा का रिजल्ट जानबूझकर कर चुनाव के गिनतीं वालें दिन निकाला गया, जबकि यह रिजल्ट 14जून को निकाले जाने की बात थी । चुनाव की गिनती वाले दिन रिजल्ट जानबूझकर कर इसलिए निकाला गया ताकी लोगों का ध्यान रिजल्ट की ओर न जाए???
काफ़ी विरोध होने के बाद कछुए की गति से कार्यवाही हो रही है, एवं तमाम ऐसे छात्र मन ही मन रो रहे हैं जिन्होंने जी तोड़ मेहनत की मगर नम्बर कट ऑफ में नहीं आ पा रहे है।
बिहार के बीपीएससी तथा बीपीएससी शिक्षक भर्ती का भी भर्जीवाडा सामने आया मगर कारवाई कुछ भी नहीं हो पाया।
ऐसा नहीं है की इन सब बातों की जानकारी सरकार को नहीं है, सरकार के नाक के नीचे सारी चीजें हो रही है, माफियाओं द्वारा पार्टी फंड में तथा सेटिंग का लाभ उठानेवाले तमाम लोगों के पार्टी फंड में रुपया जमा करा आते हैं और मामला रफा-दफा हो जाता है।
जिनके हाथों में सत्ता है वहीं लोग ग़लत को प्रश्रय दे रहे हैं तो कुछ भी सही कैसे होगा।
भ्रष्टाचार तो बढ़ेगा ही जो दिन दुनी रात चौगुनी वृद्धि कर रहा है, वर्तमान समय में कोई भी क्षेत्र नहीं बचा है जहां सेटिंग्स न होता हो।
बेरोज़गारी की स्थिति ऐसी बनी हुई है कि लोग पैसे देकर नौकरी लेने में विश्वास करने लगे हैं और यही स्थिति विस्फोटक रूप ले रहा है ।अब पढ़ने वालों की वेल्यु समाप्त होती जा रही है और पहुंच वाले की बढ़ती जा रही है???
पता नहीं देश का भविष्य कहां जा रहा है यह अत्यंत चिंताजनक स्थिति है।

rkpNavneet Mishra

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