हर इंसान दूसरे इंसान के लिये शायद
अच्छा भी और बुरा भी हो सकता है,
पर यह निश्चित है कि हर इंसान में
स्वयं कुछ अच्छा तो कुछ बुरा होता है।
लफ्ज ही होते हैं इंसान का आईना,
इंसान की शक्ल सूरत का क्या है,
शक्ल सूरत तो उम्र और हालात के
साथ अक्सर बदलती ही जाती है।
लफ़्ज़ सुंदर हों तो आईने में अपने
चेहरे भी सुंदर से दिखने लगते हैं,
लफ़्ज़ बुरे हों तब खुद का चेहरा व
आइना दोनो ही बदसूरत लगते हैं।
उम्र का बढ़ना ज़िन्दगी का दस्तूर है,
उससे कुछ भी छिपा पाना फ़िज़ूल है,
अनुभव, प्रयास बहुत कुछ सिखाते हैं,
आओ हम हर पल प्रयास करते हैं।
परिस्थितियाँ मजबूर कर देती हैं,
स्वभाव भी बदल कर रख देती हैं,
वरना हम तो कल तक जैसे रहे थे,
आज भी पहले की तरह वैसे ही हैं।
चाहे कुछ बन जायँ, कुछ मिल जाय,
या भले ही कुछ भी मुझसे छिन जाय,
अपने स्वार्थ हित किसी का कभी भी,
अहित न होने देंगे, चाहे कुछ हो जाय।
सुखी व सफल जीवन इतना आसान
व सरल न कभी था, न कभी होता है,
पर सफलता मिलने के बाद अवश्य,
जीवन सरल व सुखमय हो जाता है।
इसीलिये किसी इंसान के बारे में,
कोई स्थिर विचार नहीं रखना चाहिये,
आदित्य इंसान को इंसान के अनुसार
अलग अलग व्यवहार करना चाहिये।
कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’
कुशीनगर।(राष्ट्र की परम्परा) जनपद के दिव्यांगजनों के लिए राहत भरी खबर है। उत्तर प्रदेश शासन…
देवरिया रेलवे स्टेशन पर चला सघन सुरक्षा अभियान, डॉग स्क्वाड व बम निरोधक दस्ते ने…
निचलौल रेफर के बाद जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम, रेस्क्यू टीम…
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में शनिवार को जनसंचार एवं पत्रकारिता…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की विद्या परिषद ने भूगोल विषय की…
बभनान/बस्ती(राष्ट्र की परम्परा)उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भाजपा सूर्य प्रताप…