स्वागत ऋतुराज

हुआ प्रकृति का आल्हाद
मिली बसंत ऋतु सौगात
कली कली ने किया श्रृंगार,
बहकी बहकी चले बहार
कोयल छेड़े मधुर बसंती गान,
तितलियां करें,भौरों का सम्मान।
डाली डाली करती शुद्ध वायु संचार,
नव ऊर्जा करती धरा श्रृंगार
आम्र वौरों की मधुर मुस्कान
गेहूं बाली झूमती गाती गान
पुष्प का भौरों को देना आमंत्रण
सहज स्वीकारते उनका निमंत्रण
झूमे मनवा डोले मन बारंबार
धरती से अम्बर तक छाई बहार।
बसंती रंगों ने ली फिर अंगड़ाई
देखो देखो बसंत ऋतु आई
अवलोकित पुष्पों पर नव तरुणाई
सर्वत्र व्याप्त हरियाणा छाई।
पाया प्रकृति ने रूप मनोरम
वल्लारी से लिपटा कुसुम कानन
गौरी सज खोए स्वर्णिम स्वप्न
नव रस से परिपूर्ण नील गगन
फागुन गीत गाती मानव टोली
पीली चुनार धरा ने ओढ़ली
आनद ले कोयल की कुहुक टेसू बहार
गुलाबी रंग ले प्रेम ऋतु की फुहारबसंत ऋतु देती, ये शुभ संदेश
शांति आगाज कर खुशियां भरो अनेक।

•डॉ. अंजनी “ओजस्वी”

rkpshomnath

Recent Posts

गर्ग इंटर कॉलेज के खिलाड़ियों ने जीते पदकों की झड़ी, गोरखपुर मंडल में दिखाएंगे दम

जिला ताइक्वांडो चैंपियनशिप में गर्ग इंटर कॉलेज के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन देवरिया (राष्ट्र की…

12 minutes ago

अब हर दुकान पर दिखेगा डस्टबिन, नहीं तो देना होगा जुर्माना

डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन जल्द शुरू कराने की तैयारी, डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने सफाई व्यवस्था को…

2 hours ago

जनहित के सवालों पर जवाब चाहिए, टालमटोल नहीं

ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने डीएम को सौंपा ज्ञापन, विभागीय पक्ष और कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध…

2 hours ago

सांकेतिक भाषा सीखेगी गोरखपुर पुलिस, विशेष जरूरत वाले लोगों से संवाद होगा आसान

पुलिस लाइन में एक दिवसीय कार्यशाला, विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने पुलिसकर्मियों को दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण गोरखपुर…

2 hours ago

निर्माण कार्य के चलते खोराबार बाईपास चौराहे पर भीषण जाम

बारिश के बीच 500 मीटर तक वाहनों की कतार, दोपहिया वाहन चालक सबसे अधिक परेशान…

2 hours ago