केरल, असम और पुडुचेरी में रिकॉर्ड मतदान, लोकतंत्र के पर्व में दिखा जबरदस्त उत्साह
नईदिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)देश के तीन महत्वपूर्ण राज्यों—केरल, असम और पुडुचेरी—की सभी विधानसभा सीटों पर गुरुवार (9 अप्रैल) को एक ही चरण में मतदान संपन्न हुआ। सुबह 7 बजे शुरू हुई वोटिंग में मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और शाम तक शानदार मतदान प्रतिशत दर्ज किया गया।
शाम 5 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार असम में 84.42%, केरल में 75.01% और पुडुचेरी में 86.92% मतदान हुआ, जो लोकतंत्र के प्रति जनता के मजबूत विश्वास को दर्शाता है। तीनों राज्यों की कुल 296 सीटों—असम की 126, केरल की 140 और पुडुचेरी की 30 सीटों—पर एक साथ मतदान हुआ। चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
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मतदान के दौरान कई प्रमुख नेताओं और हस्तियों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने जालुकबारी विधानसभा क्षेत्र के एक मतदान केंद्र पर वोट डाला और लोगों से अधिक से अधिक मतदान करने की अपील की। केरल में शशि थरूर, बिनॉय विश्वम और फिल्म अभिनेता कुंचाको बोबन ने भी मतदान कर लोकतंत्र में भागीदारी निभाई।
सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं। शुरुआती घंटों में ही मतदाताओं का उत्साह साफ झलकने लगा था। सुबह 9 बजे तक असम में 17.87%, केरल में 16.23% और पुडुचेरी में 17.41% मतदान दर्ज किया गया। वहीं 11 बजे तक यह आंकड़ा तेजी से बढ़ते हुए असम में 38.92%, केरल में 33.28% और पुडुचेरी में 37.06% तक पहुंच गया।
केरल के त्रिशूर जिले में मतदान के दौरान एक दुखद घटना भी सामने आई। वानियामपारा क्षेत्र में 62 वर्षीय विनोदन नामक व्यक्ति ने वोट डालने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ने पर दम तोड़ दिया। बताया गया कि मतदान केंद्र से बाहर निकलते ही वह बेहोश होकर गिर पड़े, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना से क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।
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राजनीतिक दृष्टि से भी यह चुनाव काफी अहम माना जा रहा है। केरल के पुतुप्पल्ली विधानसभा क्षेत्र में त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है, जहां कांग्रेस उम्मीदवार चांडी ओमन ने विरोध जताने के लिए काले कपड़े पहनकर मतदान किया। वह अपने पारंपरिक गढ़ को बचाने के लिए मैदान में हैं, जहां उनका मुकाबला वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से है।
इसी बीच हेमंत सोरेन ने भी असम की जनता से मतदान करने की अपील की। उनकी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) इस बार असम में 16 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से मतदाताओं से लोकतंत्र के इस पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आग्रह किया।
तीनों राज्यों में शांतिपूर्ण मतदान के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। प्रशासन और चुनाव आयोग की सतर्कता के चलते अधिकांश जगहों पर मतदान प्रक्रिया सुचारु रूप से संपन्न हुई।
यह चुनाव न केवल स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को तय करेगा, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है। अब सभी की निगाहें 4 मई को आने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी हैं, जो इन राज्यों की सत्ता का भविष्य तय करेंगे।
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