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मतदाता फोटो पहचान पत्र के विकल्प के रूप में निम्न वैकल्पिक दस्तावेज मतदाताओं को प्रस्तुत करना होगा

  • ऐसे मतदाता जो अपना मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं, उन्हें अपनी पहचान स्थापित करने के लिए वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना

कुशीनगर(राष्ट्र की परम्परा)28 फरवरी..

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लिये गये निर्णय के अनुसार विधान सभा सामान्य निर्वाचन- 2022 हेतु मतदाता फोटो पहचान पत्र के विकल्प के संबंध में प्रतिरूपण को रोकने की दृष्टि से मतदान के समय मतदाता को अपनी पहचान सिद्ध करने के लिए अपना मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा, परन्तु ऐसे मतदाता जो अपना मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं, उन्हें अपनी पहचान स्थापित करने के लिए वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा।
निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार वैकल्पिक फोटो पहचान पत्र दस्तावेजों में प्रमुख रूप से आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, बैंकों/डाकघरों द्वारा जारी किये गये फोटोयुक्त पासबुक, श्रम मंत्रालय की योजना के अन्तर्गत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, एनपीआर के अन्तर्गत आरजीआई द्वारा जारी किये गये स्मार्ट कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, केन्द्र/राज्य सरकार/लोक उपकम/पब्लिक लिमिटेड कम्पनियों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किए गये फोटोयुक्त सेवा पहचान-पत्र, सांसदों/विधायकों/विधान परिषद् सदस्यों को जारी किये गये सरकारी पहचान पत्र, यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) कार्ड, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार। एपिक के सम्बन्ध में, अशुद्धि, वर्तनी की अशुद्धि इत्यादि को नजर अंदाज कर देना चाहिये, बशर्ते निर्वाचक की पहचान EPIC से सुनिश्चित की जा सके। यदि कोई निर्वाचक फोटो पहचान पत्र प्रदर्शित करता है, जो कि किसी अन्य विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा जारी किया गया है, ऐसे एपिक भी पहचान स्थापित करने हेतु स्वीकृत किये जायेंगे, बशर्ते उस निर्वाचक का नाम, जहां वह मतदान करने आया है, उस मतदान केन्द्र से संबंधित निर्वाचक
नामावली में उपलब्ध हो। फोटोग्राफ इत्यादि के बेमेल होने के कारण निर्वाचक की पहचान सुनिश्चित करना सम्भव न हो, तब निर्वाचक को उपरोक्त वैकल्पिक फोटो दस्तावेज को प्रस्तुत करना होगा। उपरोक्त किसी भी बात के होते हुये भी प्रवासी निर्वाचकों को, जो अपने पासपोर्ट में विवरणों के आधार पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 20क के अधीन निर्वाचक नामावलियों में पंजीकृत हैं, उन्हें मतदान केन्द्र में उनके केवल मूल पासपोर्ट (तथा कोई अन्य पहचान दस्तावेज नहीं) के आधार पर ही पहचाना जायेगा।

संवादाता कुशीनगर…

parveen journalist

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