सिकंदरपुर/बलिया( राष्ट्र की परम्परा)
क्षेत्र के भाटी गांव में चल रहे पंचकुण्डलीय शतचंडी महायज्ञ के तीसरे दिन कथा वाचक स्वामी श्रीरामजी दास महाराज ने राम जन्म सहित अन्य आख्यानों को रखा। जिसे सुन कर श्रद्धालु मग्न हो उठे। बताया कि धरती माता की प्रार्थना से प्रसन्न हो भगवान विष्णु ने नए रूप में अवतार लेकर पृथ्वी को अत्याचार से मुक्त कराने का वचन दिया था। रामावतार के एक नहीं अनेक हेतु हैं। जिसमें भगवान शिव के गण जय और विजय के उद्धार से लेकर महर्षि नादर द्वारा दिया गया श्राप भी अहम था। जन्म के समय उनके विराट स्वरूप का वर्णन और गुरुकुल में अल्प काल में प्राप्त की गई शिक्षा के साथ साथ राक्षसों के वध की कथा को भी क्रमवार रखा। बताया कि त्रेता युग में राम अवतार में अवतरित होने वाले भगवान सदैव से अपने भक्तों की रक्षा करते आए हैं। हर युग और समय में भगवान की महिमा का गुणगान करने वाले असुरों, अत्याचारियों और अनुयायियों पर विजय प्राप्त किए हैं। इसलिए कलयुग में तो राम नाम की महिमा का फल अनंत गुणा बढ़ जाता है।
नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और इंटरनेट के इस्तेमाल को लेकर…
बरहज में दर्दनाक हादसा: ट्रेलर की चपेट में आने से युवक की मौत, भाग रहे…
AI निर्मित फोटो 75 साल के रामसुगर को 30 साल की रानी से हुआ प्यार,…
फोटो goo कुपवाड़ा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास सुरक्षा…
Ai निर्मित फोटो भोपाल से निकले थे बाबा श्याम के दर्शन करने कोटा (राष्ट्र की…
लेखक: अभिषेक कुमार 17 अक्टूबर का ऐतिहासिक महत्व: विज्ञान, विश्व युद्ध, साहित्य और शांति के…