ट्रान्समिशन अस्सेस्मेंट सर्वे (TAS) का किया गया संचालन

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद में ट्रान्समिशन अस्सेस्मेंट सर्वे (TAS) का संचालन 05-मई सोमवार से किया जा रहा हैं। इस अभियान का शुभारम्भ मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ संजीव वर्मन की उपस्थिति में बलिया शहर के वार्ड नंबर-13 स्थित कम्पोजिट प्राथमिक विद्यालय से किया गया। TAS गतिविधि, जनपद में फाइलेरिया (हाथीपाव) उन्मूलन के लिए संचालित मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एम.डी.ए.) अभियान के प्रभाव का मूल्यांकन एवं भविष्य में एम.डी.ए. अभियान की आवश्यकता के निर्णय के लिए की जा रही हैं। TAS गतिविधि के दौरान चयनित विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 01 और 02 के विद्यार्थियों तथा चयनित गाँवों में 06 से 07 वर्ष के बच्चों के बीच फाइलेरिया संक्रमण की जांच की जाएगी। भौगोलिक स्थिति के आधार पर चयनित प्रत्येक मूल्यांकन इकाई के गाँवों तथा विद्यालयों (राजकीय,निजी, एनजीओ अथवा ट्रस्ट द्वारा संचालित) में विद्यार्थियों की जांच की जाएगी। विद्यालय तथा गाँवों का चयन सैम्पल सर्वे बिल्डर साफ्टवेयर के माध्यम से विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा किया गया हैं। इस गतिविधि में चयनित विद्यार्थियों की जांच भारत सरकार द्वारा प्रदत किट द्वारा की जाएगी। यदि गतिविधि के दौरान धनात्मक नमूनों की संख्या कट ऑफ वैल्यू से अधिक पाई जाती है तो वे मूल्यांकन इकाई TAS गतिविधि में असफल मानी जाएगी एवं वहां पर एम.डी.ए. अभियान के 02अतिरिक्त चक्र चलाए जायेंगे तथा पुनः TAS गतिविधि संपत्र कराई जाएगी। यदि धनात्मक नमूनों की संख्या कट ऑफ वैल्यू से कम पाई जाती है,तो वे मूल्यांकन इकाई TAS गतिविधि में पास मानी जाएगी एवं वहां पर एम.डी.ए. अभियान को रोककर पोस्ट वेलिडेशन सर्विलांस का कार्य कराया जाएगा। TAS के दौरान ब्लॉक स्तरीय प्रभारी चिकित्सा अधिकारी एवं उनकी टीम द्वारा प्रत्येक चयनित विद्यालय में भ्रमण कर प्रभारी अध्यापकों का संवेदीकरण किया जाएगा तथा विद्यार्थियों को फाइलेरिया रोग से बचाव के लिए जानकारी देते हुए विद्यालय में TAS संबंधी गतिविधियों को सम्पादित कराया जाएगा। TAS गतिविधि में बच्चों की जाँच स्वास्थ्य विभाग के कुशल एवं अनुभवी प्रयोगशाला प्राविधिज्ञो द्वारा किया जायेगा। इस गतिविधि का संपादन स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनसमुदाय, चयनित विद्यालयों तथा पंचायती राज विभाग, शिक्षा विभाग, आई0सी0डी0एस0 आदि के सहयोग से सम्पादित किया जाएगा। गैर मतलब हैं कि फाइलेरिया एक परजीवी संक्रमण है,जो मुख्य रूप से क्युलेक्स प्रजाति मच्छरों के काटने से होता है। इसके लक्षणों में बुखार, लसीका ग्रंथि में सूजन, और प्रभावित अंगों में गंभीर सूजन आदि शामिल हैं, जिसे एलीफेंटियासिस या हाथीपाव भी कहा जाता है। इसके उपचार के लिए, एंटीपैरासिटिक दवाएं दी जाती हैं। मच्छरों के बचाव तथा वातावरण की स्वछता इस बीमारी से बचाव में मुख्य रूप से सहायक हैं। वर्तमान में बलिया जनपद में फाइलेरिया से प्रभावित 4264 मरीज हैं, जिनका उपचार स्वास्थ विभाग द्वारा किया जा रहा हैं। TAS के शुभारम्भ के अवसर पर नोडल अधिकारी वी०बी०डी० डॉ अभिषेक मिश्रा, सहायक मलेरिया अधिकारी सुजीत प्रभाकर, बायोलाजिस्ट हेमंत कुमार, फाइलेरिया निरीक्षक ओम प्रकाश पाण्डेय, शशि, वी०बी०डी कंसल्टेंट रागिनी तथा वरिष्ठ मलेरिया इंस्पेक्टर ताज मोहम्मद, सुशील, राजकुमार, आदि उपस्थित रहे ।

Karan Pandey

Recent Posts

देवरिया में GRP-RPF की बड़ी कार्रवाई, मोबाइल चोरी के मामले में 53 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार

फोटो विज्ञप्ति देवरिया (राष्ट्र की परम्परा )। रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों के मोबाइल…

6 minutes ago

राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने चला बड़ा दांव, आठों उम्मीदवारों ने भरा पर्चा; सपा के फैसले से बदला पूरा गणित

फोटो x लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर मंगलवार…

14 minutes ago

त्योहारों से पहले फुलवारी शरीफ में गंदगी का मुद्दा गरमाया, कचरा उठाव बंद होने से लोगों में आक्रोश

एक साल से नहीं उठा कचरा, नूरमोईउद्दीनपुर में गंदगी का अंबार; त्योहारों से पहले लोगों…

26 minutes ago

मनचाहे जिले में जाने का सपना फिर अटका, बिहार के लाखों शिक्षकों को अब छठ के बाद मिल सकती है राहत

बिहार के 3.30 लाख शिक्षकों को बड़ा झटका! ट्रांसफर-पोस्टिंग फिर अटकी, अब छठ के बाद…

36 minutes ago

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का हल्लाबोल, बैरिकेड पर चढ़े राहुल गांधी; दिल्ली में बढ़ा सियासी तनाव

X फोटो नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ INDIA…

48 minutes ago