सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा) ओझवलिया में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस केरल से आए राघवेंद्र शास्त्री ने कहा वासनाए दो प्रकार की होती है। शुभ और अशुभ और वासनाएं प्रारब्ध बनकर जीव के साथ हमेशा रहता है हिरण्यकश्यप को असुर वृत्ति के हैं तो उनके पुत्र प्रहलाद दैविक गुना से संपन्न है लेकिन भगवान सब पर कृपा बराबर करते हैं “सब पर प्रीत बराबर मोहि ” भगवान की नजर में सब उनके बच्चे ही है नरसिंह भगवान ने कृपा दोनों पैर की
आगे शास्त्री जी ने समुद्र मंथन की कथा सुनाई
इस दौरान मुख्य श्रोता गंगा शरण पाठक,राम चीनी देवी,अरविंद पाठक,पुनीत पाठक, अजय मणि त्रिपाठी, संतोष, अरुण सिंह,रमेश तिवारी, इत्यादि लोग मौजूद रहे
♈ मेष (Aries) आवेगपूर्ण स्वभाव आपके रिश्ते में परेशानी ला सकता है। जल्दबाजी में लिया…
सलेमपुर (राष्ट्र की परम्परा)सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पुरैना में शनिवार देर शाम एक युवक…
जयपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) ने जेल प्रहरी भर्ती परीक्षा…
सांकेतिक फोटो पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) बिहार शिक्षा विभाग (Bihar Education Department) ने इंटरमीडिएट…
नई दिल्ली/तियानजिन। (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात वर्षों बाद अपनी पहली चीन यात्रा…
सभी सेक्टर वं स्टेटिक मजिस्ट्रेट आयोग द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार पी.ई.टी परीक्षा को गुणवत्तापूर्ण…