गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दिग्विजय नाथ पी.जी. कॉलेज, गोरखपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सप्तदिवसीय विशेष शिविर के तृतीय दिवस का शुभारंभ मीराबाई छात्रावास स्थित दिग्विजय नाथ स्मृति सभागार में गरिमामय वातावरण में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती, महंत दिग्विजय नाथ एवं राष्ट्र संत अवैद्यनाथ की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण के साथ की गई। स्वयंसेवकों ने लक्ष्य गीत एवं प्रार्थना के माध्यम से राष्ट्रभक्ति और सेवा भावना का संदेश दिया।
प्रातःकालीन सत्र में ताइक्वांडो एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिसमें प्रशिक्षक आदित्य जायसवाल, विजय प्रजापति और सुष्मिता कुमारी ने स्वयंसेवकों को आत्मरक्षा के महत्वपूर्ण गुर सिखाए। इसके बाद “विकसित देश 2047 बनने में उत्तर प्रदेश की भूमिका” विषय पर निबंध प्रतियोगिता हुई, जिसमें प्रतिभागियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए।
दोपहर के बौद्धिक सत्र में “नारी सशक्तिकरण” विषय पर प्रोफेसर अर्चना सिंह ने प्रभावशाली व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति उसकी महिलाओं की स्थिति से आंकी जाती है। नारी को समाज और राष्ट्र निर्माण की धुरी बताते हुए उन्होंने शिक्षा को सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और मनोवैज्ञानिक आयामों पर विस्तार से चर्चा करते हुए महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता और आत्मसम्मान को आवश्यक बताया।
उन्होंने वर्तमान समय में महिलाओं की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर रही हैं, लेकिन लैंगिक भेदभाव, बाल विवाह और घरेलू हिंसा जैसी समस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों से नारी सम्मान और समानता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. जितेन्द्र कुमार पाण्डेय ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. प्रदीप यादव ने किया। इस अवसर पर डॉ. निधि राय, डॉ. पीयूष सिंह सहित कई स्वयंसेवकों का सहयोग रहा।
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