गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)
उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के पत्र के अनुपालन में संविधान दिवस के अवसर पर, प्रभारी जनपद न्यायाधीश अशोक कुमार-एकादश की अध्यक्षता में दीवानी न्यायालय परिसर गोरखपुर में प्रातः11 बजे संविधान के प्रस्तावना का पाठन किया गया एवं सांयकाल 4ः30 बजे एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें समस्त न्यायिक अधिकारीगण एवं अधिवक्तागण उपस्थित रहे। गोष्ठी में प्रभारी जनपद न्यायाधीश द्वारा बताया गया कि, संविधान सभा ने भारत के संविधान को 2 वर्ष 11 माह 18 दिन में 26 नवम्बर, 1949 को पूरा कर राष्ट्र को समर्पित किया। 26 नवम्बर को राष्ट्रीय कानून दिवस के रुप में भी जाना जाता है। 26 नवम्बर, 1949 को ही देश की संविधान सभा ने वर्तमान संविधान को विधिवत रुप से अपनाया था, परन्तु इसे 26 जनवरी, 1950 को लागू किया गया था। भारतीय संविधान में सभी वर्गो के हितो के मद्देनजर विस्तृत प्रावधानों को शामिल किया गया है। भारतीय संविधान विश्व का सबसे लम्बा लिखित संविधान है। गोष्ठी में उपस्थित अन्य न्यायिक अधिकारीगण द्वारा भी वक्तव्य के माध्यम से संविधान पर प्रकाश डाला गया। वाह्य न्यायालय बांसगांव, ग्राम न्यायालय-गोला व कैम्पियरगंज में भी पीठासीन अधिकारी द्वारा अपने अधीनस्थ समस्त कर्मचारीगण को संविधान की प्रस्तावना का पाठन कराया गया। उक्त जानकारी देवेन्द्र कुमार-द्वितीय सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, द्वारा दी गयी।
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