सोहगीबरवां के लोग आदिवासी परिवेश में रहने को मजबूर

डॉ सतीश पाण्डेय व नीरज मिश्र की रिपोर्ट

सड़क,स्वास्थ्य,शिक्षा सहित विकास से कोशो दूर

जन प्रतिनिधि व प्रशासन के दावे हुए फेल

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)।जनपद के निचलौल ब्लाक का सोहगीबरवां गांव यूं तो जिले की पहचान है। जिले में हजारो हेक्टेयर में फैले जंगल की पहचान भी सोहगीबरवां से है, फिर भी इस गांव की बदकिस्मती है कि यह जिले के सबसे पिछड़े गांव की सूची में शामिल है। जिला व तहसील मुख्यालय से जुड़ने के लिए नारायणी नदी के सहारे आने वाले ग्रामीण बरसात के दिनों में टापू पर ही कैद होकर रह जाते हैं। यहां के ग्रामीणों की वर्षों से मांग रही है कि नारायणी नदी पर पुल बनाकर उन्हें तहसील मुख्यालय से जोड़ा जाए। दोबारा भाजपा की सरकार बनने से उम्मीद और जगी। लोगों ने स्थानीय संसद, विधायक से भी इस पर पहल करने की मांग भी किया था लेकिन उनके अरमानों पर पानी फिर गया।
निचलौल ब्लाक क्षेत्र के तीन ग्राम सोहगीबरवां, शिकारपुर, भोथहां तथा कुशीनगर खड्डा ब्लाक के चार गांव शिवपुर, बसंतपुर, नरायनपुर व हरिहरपुर एक टापू के रूप में है। सोहगीबरवां क्षेत्र के पूरब में रोहुआ नाला, पश्चिम, उत्तर व दक्षिण में नारायणी नदी तथा जंगल क्षेत्र है। जहां बरसात के दिनों में चारों तरफ पानी भर जाता है। नेपाल के पहाड़ों व तराई क्षेत्र में बारिश के पानी से नारायणी नदी उफान पर रहती है, जिससे जंगल और गांव में पानी भर जाता है। निचलौल व खड्डा से सीधा संपर्क टूट जाता है। इसलिए पूरब में बहने वाले रोहुआ नाला को नाव से पार कर नौरंगिया बाजार तक पहुंचना ही सुगम रास्ता रह जाता है।
उत्तर प्रदेश-बिहार की सीमा पर जंगल के डकैतों के आतंक को खत्म करने के लिए शासन के आदेश पर 2003 में थाने की स्थापना की गई थी। थाने में एक सब इंस्पेक्टर, एक एसआई, आठ सिपाही तैनात थे।
आवागमन की बात करें तो नारायणी नदी और घने जंगलों से घिरे सोहगीबरवां, भोतहां व शिकारपुर गांव को छः किमी दूर मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए 57 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। फिर भी उस सड़क मे बड़े-बड़े गड्ढे हैं। सड़क की मरम्मत न होता देख ग्रामीणों ने उसे बनवाने का बीड़ा उठाया था इसके लिए बैरियर लगाकर चंदा वसूल रहे थे।
जानकारी के अनुसार, सोहगी बरवां से बिहार के नौरंगिया मुख्य मार्ग की दूरी करीब छः किमी है। वर्ष 2022 में लोक निर्माण विभाग की ओर से करीब 10 लाख रुपये से अधिक खर्च कर सोहगीबरवां बाजार से मटियरवां तक करीब डेढ़ किमी पक्की सड़क की मरम्मत कराई गई थी। मटियरवां से यूपी बॉर्डर तक करीब चार किमी तक सोहगीबरवां, शिकापुर और भोतहां ग्राम पंचायत की ओर से करीब 47 लाख रुपये की रकम से अधिक खर्च कर खड़ंजा बनवाया गया था। उसके बाद करीब 500 मीटर सड़क कच्ची है जो बिहार राज्य के दायरे में है।उस समय गांव के लोगों का आरोप था कि लोक निर्माण विभाग व ग्राम पंचायत ने सड़क निर्माण के दौरान जमकर धांधली की है। यही वजह है कि 40 लाख रुपये खर्च कर बनी पक्की और खड़ंजा सड़क पर एक वर्ष के भीतर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। इसके चलते निचलौल ब्लॉक के तीन गांव सोहगीबरवां, भोतहां और शिकारपुर के अलावा इनके टोले खुठहवां, शिवपुर, नारायणपुर, हरिहरपुर, मरचहवां, बालगोविंद छपरा, साहपुर, भिंडयाचल पुर, मटियरवां व कुशीनगर के कई गांवों में बसने वाले करीब 55 हजार की आबादी को मुख्य सड़क तक पहुंचने में परेशानी होती है। सोहगीवरवां वन्य जीव प्रभाग ग्राम सभा सोहगी वरवां,भोथहां,शिकारपुर है जिसकी जनसंख्या लगभग सोहगी वरवां मे 2500 के करीब है जिसमें मुसहर समुदाय के लोग सर्वाधिक है यह ग्राम सभा जिले में अति पिछड़ा ग्राम सभा माना जाता है इसी कारण जिले के आला अधिकारियों की नजर इस क्षेत्र पर नहीं होती है। ग्राम सभाओं मे विद्युत समस्या को लेकर जिला प्रशासन की पहल पर वर्ष 2013 मे खड्डा विद्युत उपकेन्द्र से विद्युत सप्लाई दिया गया लेकिन नारायणी नदी के उफान से 15 विद्युत पोल नदी मे विलुप्त हो गया जिससे विद्युत व्यवस्था ठप हो गया। पिछले कुछ दिनों पहले बिजली के लिए लोगों ने सोलर लाइट की मांग किया था जिसमें प्रशासन ने 2500 सोलर लाइट की व्यवस्था डूडा विभाग से 9 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत प्रदान किया।जिसमें कुल 1667 लोगों की सूची फाइनल हुआ और 200 लोगों की सूची तैयार हो रही है इसके लिए जिला परियोजना अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गयी थी इसी बीच ग्राम सभा मे सोलर लाइट का वितरण करते समय ग्राम सभा के जिम्मेदारों द्वारा एक व्यक्ति के माध्यम से पांच सौ रुपये से लेकर एक हजार रुपये प्रति सोलर लाइट पर लिया जा रहा था जिसका किसी व्यक्ति ने विडियो बनाकर वायरल कर दिया था। इसी बीच ग्राम सभा के ग्रामीणों ने लिखित पत्र जिलाधिकारी से सम्बोधित पत्र सदर एसडीएम दिनेश चन्द्र मिश्र को देकर जांच की मांग किया था जिसमे मुबारक,पारस, तैबुन, सुग्रीव,जितेन्द्र,प्रमोद, वीरेन्द्र,गोविन्द प्रहलाद, शाकिर, जीतन,अनिल राव,राम आशीष, रेखा, मुन्नी सहित तमाम लोग उपस्थित थे। ज्ञापन देने की समय सीमा लगभग तीन माह हो गया लेकिन निचलौल बीडीओ द्वारा आज तक जांच नही किया गया और न ही कोई कार्यवाही हुआ।
वायरल विडियो पर एसडीएम निचलौल ने संज्ञान लिया था।
ग्राम सभा मे सोलर लाइट की वितरण करते समय ग्राम सभा के जिम्मेदारों द्वारा एक व्यक्ति के माध्यम से पांच सौ रुपये से लेकर एक हजार रुपये प्रति सोलर लाइट पर लिया जा रहा था जिसका किसी व्यक्ति ने विडियो बनाकर वायरल कर दिया था जिसको एसडीएम निचलौल सत्यम मिश्रा ने संज्ञान मे लेते हुए दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश सोहगी वरवां एसओ को दिया था लेकिन भ्रष्ट्राचार का मुकदमा दर्ज न करके शान्ति भग मे चालान कर दिया गया था। लेकिन जांच बीडीओ स्तर से होना था जो आज तक नही हो सका।

rkpnews@desk

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