यूपी में मतदाता सूची से पहले बड़ा बदलाव! 3,786 बूथ घटे, अब 1.73 लाख मतदेय स्थलों पर होगा वोटर लिस्ट का प्रकाशन
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों की तैयारियों के बीच मतदेय स्थलों को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। भारत निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के सभी 75 जिलों की 403 विधानसभा सीटों के लिए मतदेय स्थलों के सम्भाजन प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके बाद प्रदेश में मतदेय स्थलों की संख्या 1,77,516 से घटकर 1,73,730 रह गई है। यानी सम्भाजन की प्रक्रिया में कुल 3,786 मतदेय स्थल कम हो गए हैं। अब अर्हता तिथि 1 जनवरी, 2027 के आधार पर चल रहे विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत मतदाता सूची का आलेख्य प्रकाशन आयोग से अनुमोदित नए मतदेय स्थलों पर किया जाएगा।
बूथ बदला तो वोट डालने से पहले जरूर जान लें नया पता
मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश के कार्यालय की ओर से 4 नवंबर, 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, मतदेय स्थलों के सम्भाजन की प्रक्रिया 16 अक्टूबर से शुरू हुई थी। सभी जिलों से प्राप्त प्रस्तावों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत भारत निर्वाचन आयोग के पास मंजूरी के लिए भेजा गया था। आयोग ने 4 नवंबर को इन प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान कर दी।
इस बदलाव का सीधा असर उन मतदाताओं पर पड़ सकता है, जिनके मतदान केंद्र पहले से अलग निर्धारित किए गए हैं। ऐसे मतदाताओं को मतदान के दिन परेशानी से बचाने के लिए निर्वाचन अधिकारियों को समय रहते जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
BLO घर-घर पहुंचाएंगे नए बूथ की जानकारी
निर्देशों के अनुसार, सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को नए सिरे से अनुमोदित मतदेय स्थलों पर बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की तैनाती सुनिश्चित करनी होगी। जिन मतदाताओं के मतदेय स्थल बदले गए हैं, उन्हें संबंधित बीएलओ के माध्यम से लिखित सूचना दी जाएगी। बीएलओ सुपरवाइजर नियमित निगरानी करेंगे, जबकि निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) भी इस व्यवस्था की जांच करेंगे।
एक परिवार के वोटर एक ही भाग में रखने पर जोर
निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची में परिवार के सदस्यों के नाम एक ही भाग में दर्ज रखने पर भी विशेष जोर दिया है। बीएलओ को यह सुनिश्चित करना होगा कि एक परिवार के सभी पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची के एक ही भाग में हों। यदि आलेख्य मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद किसी मतदाता का नाम परिवार के अन्य सदस्यों से अलग किसी दूसरे मतदेय स्थल पर दर्ज मिलता है, तो निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार फॉर्म-8 के माध्यम से आवश्यक संशोधन कराया जाएगा।
राजनीतिक दलों को भी मिलेगी बूथों की सूची
जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को आयोग द्वारा अनुमोदित सभी मतदेय स्थलों की सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही संबंधित क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाएगा, ताकि मतदाताओं को अपने नए या परिवर्तित मतदान केंद्र की जानकारी समय पर मिल सके।
फिलहाल मतदाताओं के लिए सबसे अहम बात यह है कि मतदाता सूची के आलेख्य प्रकाशन के बाद अपने नाम, परिवार के सदस्यों के विवरण और निर्धारित मतदेय स्थल की जानकारी जरूर जांचें। बूथ में बदलाव की स्थिति में समय रहते जानकारी हासिल करना ही मतदान के दिन होने वाली अनावश्यक परेशानी से बचने का बेहतर तरीका होगा।
लेखक: अभिषेक कुमार 5 नवंबर का इतिहास: किसी ने सुरों से दिलों पर राज किया,…
पंचांग और राशिफल | 5 नवंबर 2026, गुरुवारपंचांग की जरूरी जानकारी (लगभग 150 शब्द)दिन: गुरुवार,…
🪔 विशेष कविता | दीपावली संदेश 🪔आओ, किसी के घर का भी दिया जलाएँ!इस दीपावली…
5 नवंबर का इतिहास इतिहास के पन्नों में 5 नवंबर की खास जगह है। इसी…
कांग्रेस पर डेमोक्रेट्स का कब्जा, क्या 2028 की सत्ता की पटकथा अभी से लिखी गई?…
5 नवंबर का इतिहास: आज जन्मे थे देश के ये दिग्गज, स्वतंत्रता संग्राम से राजनीति…