चन्द्र दोष से मुक्ति की दिव्य कथा: श्रावण का अद्भुत वरदान

🌙 श्रावण विशेष चन्द्र कथा
चन्द्रदेव का तप, श्रावण मास और शिव कृपा का दिव्य रहस्य


भूमिका
श्रावण मास को भगवान शिव का प्रिय महीना कहा जाता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस पावन मास का चन्द्रदेव से भी अत्यंत गहरा संबंध है। श्रावण विशेष चन्द्र कथा के इस 11वें एपिसोड में हम जानेंगे कि कैसे चन्द्रदेव ने अपने दोषों से मुक्ति पाने के लिए कठोर तप किया, कैसे शिव कृपा से उनका पुनर्जन्म समान तेज लौटा और क्यों आज भी श्रावण मास में चन्द्र आराधना का विशेष महत्व है।
यह कथा केवल पौराणिक नहीं, बल्कि जीवन में धैर्य, संयम और आत्मशुद्धि का संदेश भी देती है।
🌙 चन्द्रदेव का पतन: अहंकार से रोग तक
पुराणों के अनुसार, चन्द्रदेव ने दक्ष प्रजापति की 27 कन्याओं से विवाह किया था, जो आगे चलकर 27 नक्षत्र बनीं। परंतु चन्द्रदेव का झुकाव केवल रोहिणी की ओर अधिक हो गया। यह पक्षपात अन्य पत्नियों के लिए असहनीय था।
दक्ष प्रजापति ने क्रोधित होकर चन्द्रदेव को क्षय रोग का शाप दे दिया।
धीरे-धीरे चन्द्रमा की कांति घटने लगी। संसार में अंधकार, असंतुलन और मानसिक अशांति फैलने लगी।
यहीं से श्रावण विशेष चन्द्र कथा का निर्णायक मोड़ प्रारंभ होता है।
🔱 श्रावण मास में चन्द्रदेव का कठोर तप
शाप से मुक्त होने के लिए चन्द्रदेव ने श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना का संकल्प लिया। उन्होंने हिमालय के एकांत क्षेत्र में श्रावण के प्रत्येक सोमवार को निराहार रहकर शिवलिंग पर जल, बेलपत्र और सोम अर्पित किया।
श्रावण मास की रात्रियों में चन्द्रदेव ने स्वयं को देखा—
क्षीण, तेजहीन और विवश।
यही आत्मबोध उनके तप की शक्ति बना।
श्रावण विशेष चन्द्र कथा बताती है कि जब तप में अहंकार नहीं, पश्चाताप हो, तो देवता भी कृपा करते हैं।
🌙 शिव कृपा और चन्द्रमा का पुनर्जन्म
चन्द्रदेव की भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव प्रकट हुए।
शिव ने कहा—
“तुम पूर्ण रूप से शापमुक्त नहीं हो सकते, परंतु लोक कल्याण हेतु तुम्हें शुक्ल और कृष्ण पक्ष में बढ़ने-घटने का वरदान देता हूँ।”
यही कारण है कि आज चन्द्रमा अमावस्या से पूर्णिमा और फिर क्षय की ओर जाता है।
भगवान शिव ने चन्द्रदेव को अपने मस्तक पर स्थान दिया।
इसलिए शिव को चन्द्रशेखर कहा गया।
श्रावण विशेष चन्द्र कथा यहीं से शिव-चन्द्र के अटूट संबंध को स्थापित करती है।
🌿 श्रावण मास में चन्द्र पूजा का महत्व
श्रावण मास में चन्द्रदेव की पूजा करने से
मानसिक तनाव कम होता है
मन स्थिर होता है
नींद, भावना और निर्णय शक्ति संतुलित होती है
विशेष रूप से
सोमवार को चन्द्र मंत्र जप
पूर्णिमा की रात्रि ध्यान
शिवलिंग पर दूध मिश्रित जल अर्पण
यह सब श्रावण विशेष चन्द्र कथा में वर्णित फल प्रदान करता है।
🕉️ चन्द्र दोष और श्रावण उपाय
जिनकी कुंडली में चन्द्र दोष हो, उनके लिए श्रावण मास वरदान है।
सरल उपाय
सोमवार व्रत
“ॐ सोम सोमाय नमः” का 108 बार जप
सफेद वस्त्र, चावल, दूध का दान
यह उपाय श्रावण विशेष चन्द्र कथा की आत्मा हैं।
🌕 11वें एपिसोड का जीवन संदेश
चन्द्रदेव की कथा हमें सिखाती है
अहंकार पतन लाता है
तप आत्मशुद्धि करता है
श्रावण मास क्षमा और करुणा का द्वार है
जो व्यक्ति अपने दोष स्वीकार कर शिव शरण में जाता है, उसे नया प्रकाश मिलता है—ठीक वैसे ही जैसे चन्द्रमा को मिला।

Editor CP pandey

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