बन रहा छात्रों के लिए परेशानी का सबब
कुर्सी रजिस्टर चाक में खर्च होता है ग्राट- वीओ
बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
कन्या प्राथमिक विद्यालय बरहज लगभग 10 वर्षो से जर्जर अवस्था में चला गया था, उसके बाद यह विद्यालय 2020 -21 में बरहज नगर स्थित बीआरसी पर अटैच कर दिया गया, आस पास के लोगो की माने तो विद्यालय नही बनने से बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं। वही विद्यालय ध्वस्तीकरण के बाद भी विद्यालय का ग्रांट आता रहा। वर्तमान में विद्यालय पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है लेकिन फिर भी विद्यालय का कंपोजिट ग्रांट प्रत्येक वर्ष आता रहता है, जबकि सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार ध्वस्तीकरण के बाद किसी विद्यालय को कंपोजिट ग्रांट नहीं दिया जाता है।
बताते चलें कि नगरपालिका के पुराना बरहज में स्थित कन्या प्राथमिक विद्यालय 15 वर्षों से जर्जर अवस्था में चला गया था, तत्कालीन प्रधानाध्यापक कृपा शंकर तिवारी के द्वारा बार-बार इसकी शिकायत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से लिखित रूप से दिया गया था, उसके बाद 2018 में प्रधानाध्यापक के सेवा निवृत होने के बाद विद्यालय का कार्यभार आशुतोष शर्मा को दे दिया गया। आशुतोष शर्मा के कार्यकाल में विद्यालय जर्जर अवस्था में चला रहा था, जब ग्रामीणों ने विरोध किया तो 2020-21 में बच्चों के भविष्य को देखते हुए, बीआरसी पर अटैच कर दिया गया। वही अटैच होने के बाद भी विद्यालय का कंपोजिट ग्रांट प्रत्येक वर्ष विद्यालय के खाते में आता रहा जबकि शासन की तरफ से यह निर्देश है कि जो विद्यालय किसी विद्यालय में या कहीं पर अटैक किया जाता है तो उसे उसके ग्रांट का पैसा नहीं दिया जाता है, लेकिन सम्बन्धितों के मिली भगत से आज भी विद्यालय के ग्रांट का रुपया पच्चास हजार विद्यालय के खाता में आता रहता हैं जो प्रत्येक वर्ष केवल रजिस्टर, चाक और कुर्सी में समाप्त हो जाता है।
इस संदर्भ में पूछे जाने पर खंड शिक्षा अधिकारी बरहज देवमुनि वर्मा ने बताया कि यह विद्यालय 3 वर्षों से बीआरसी पर अटैच किया गया है , और विद्यालय जहां संचालित हो रहा था वहां के लिए ग्रांट का पैसा आता रहता है और वह कुर्सी चाक और रजिस्टर में समाप्त हो जाता है। जबकि सरकार एवं शासन का आदेश है की ग्रांट के पैसे से उपयुक्त वस्तु नहीं खरीदी जा सकती, ग्रांट का पैसा विद्यालय के सफाई पर 10% विद्यालय के जर्जर अनुरक्षण कार्य के लिए 25%,
वॉल पेंटिंग स्लोगन 10%, अग्निशमन यंत्र 5% ,चटाई, रेडियो प्रोग्राम विद्युतीकरण, बागवानी किट, पुस्तकालय विवरण मल्टीप्ल हैंड वॉश, पाइप वाटर, समरसेबल पंप सहित विद्यालय के कार्यों के लिए साल में एक बार ग्रांट दिया जाता है।
लेकिन विद्यालय भवन गिरकर समतल हो चुका है।
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