टाटा, सुजुकी और मोदी: मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट और निवेश ने कैसे गुजरात की अर्थव्यवस्था को दी नई रफ्तार

नयी दिल्ली एजेंसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 अक्टूबर को गुजरात के मोढेरा, मेहसाणा में 3,900 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने मोढेरा गाँव को भारत का पहला चौबीसों घंटे सौर ऊर्जा से चलने वाला गाँव भी घोषित किया। कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने याद किया कि जब वह राज्य के मुख्यमंत्री थे, तो उन्हें हंसलपुर में सुजुकी प्लांट के खिलाफ गांधीनगर में कार्यकर्ताओं और गैर सरकारी संगठनों के नेतृत्व में विरोध का सामना करना पड़ा था। उस वक्त पीएम मोदी ने आंदोलन कर रहे किसानों को बात करने के लिए बुलाया था। उन्होंने कहा, ‘जब हमने सुजुकी को लाने का फैसला किया तो हंसलपुर के किसानों ने विरोध करना शुरू कर दिया। 

जमीन ऐसी थी कि बाजरा भी उगाना मुश्किल था। एक पूर्ण सूखा था, और उत्तेजित किसान गांधीनगर आ गए। वे नारे लगा रहे थे और मोदी का पुतला फूंक रहे थे। मैंने सभी को अंदर बुलाने को कहा। मैं उनसे मिला और उनसे अपनी शिकायतें मुझे बताने को कहा। उन्होंने कहा कि वे अपनी जमीन नहीं छोड़ना चाहते हैं। मैंने उनसे कहा कि यह उनकी इच्छा है और मैं प्लांट को कहीं और ले जाऊंगा। लगभग 5-7 लोगों ने समझदारी से खड़े होकर प्लांट को न हटाने को कहा। उन किसानों ने समझदारी दिखाई और विरोध समाप्त हो गया। अब, एसआईआर औद्योगिक क्षेत्रों में प्रसिद्ध है। पूरे मेहसाणा को विकसित किया जा रहा है।”

2006 और 2008 के बीच, टाटा मोटर्स ने पश्चिम बंगाल में एक विनिर्माण संयंत्र शुरू किया। राज्य सरकार ने परियोजना के लिए भूमि का अधिग्रहण किया था, लेकिन भूमि अधिग्रहण के विवाद से परियोजना में देरी हुई। उस समय विपक्ष की नेता सीएम ममता बनर्जी थीं। यह आरोप लगाया गया था कि राज्य सरकार ने जमींदारों से अपर्याप्त कीमत पर बहु-फसल भूमि का जबरदस्ती अधिग्रहण किया था। बनर्जी विरोध प्रदर्शनों में सबसे आगे रहीं और उन्होंने “खेत बचाओ” नामक एक आंदोलन शुरू किया। जल्द ही, मेधा पाटकर, अरुंधति रॉय और अनुराधा तलवार जैसे हाई-प्रोफाइल पेशेवर प्रदर्शनकारी टाटा मोटर्स को राज्य से खदेड़ने के विरोध में शामिल हो गए। हंगामे के बाद, टाटा मोटर्स ने अंततः सितंबर 2008 में पश्चिम बंगाल में परियोजना को रद्द करने का फैसला किया। यही वह समय था जब गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री ने रतन टाटा को गुजरात के साणंद में संयंत्र बनाने की पेशकश की थी। रतन टाटा ने कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि टाटा समूह पश्चिम बंगाल छोड़ रहा है, तो तत्कालीन सीएम मोदी ने रतन टाटा को एक एसएमएस भेजा और संदेश में कहा, “गुजरात में आपका स्वागत है”। संदेश के बाद, तत्कालीन सीएम मोदी ने न केवल टाटा मोटर्स को एक विशाल, अत्याधुनिक विनिर्माण कारखाना बनाने के लिए भूमि का आश्वासन दिया, बल्कि गुजरात सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया कि संयंत्र का निर्माण हो और जल्द से जल्द उत्पादन शुरू हो। गुजरात में टाटा के निवेश के बाद, कई अन्य कंपनियों ने राज्य में रुचि दिखाई। सबसे उल्लेखनीय निवेशों में से एक सुजुकी का रहा। जिसकी वर्तमान में गुजरात राज्य में अहमदाबाद जिले के मंडल तालुका के हंसलपुर बेचाराजी गांव में चार विनिर्माण इकाइयां हैं। विशेष रूप से, सुजुकी मोटर गुजरात प्राइवेट लिमिटेड (एसएमजीपीएल) भारत में एकमात्र सुजुकी ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट है, जो एक विदेशी कंपनी के रूप में सुजुकी के पूर्ण स्वामित्व में है।

Editor CP pandey

Recent Posts

गाली-गलौज रोकने को कहा तो भड़क गया रिश्ते का देवर, पीछे से पेट में घोंपा चाकू; महिला की मौत

आगरा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। चित्राहाट थाना क्षेत्र के बलीपुरा गांव में रविवार देर रात…

2 hours ago

नीला ड्रम हत्याकांड में अब फैसले का इंतजार, 30 सितंबर को खुलेगा 126 पेशियों और 22 गवाहियों का राज

मेरठ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। देशभर में चर्चा में रहे सौरभ राजपूत हत्याकांड में अब…

2 hours ago

सुपौल अपहरण कांड का खुलासा: एक आरोपी गिरफ्तार, चारपहिया वाहन बरामद; रुपये के विवाद की बात आई सामने

सुपौल में दिनदहाड़े अपहरण और फायरिंग से हड़कंप, पुलिस ने युवक को अररिया से सकुशल…

2 hours ago

उत्तर बिहार में बाढ़ का बढ़ता खतरा: खैरटवा में तटबंध टूटा, रातों-रात घर छोड़ने लगे ग्रामीण

छह पंचायतों में मचा हड़कंप; बगहा के 9 वार्ड जलमग्न पश्चिम चंपारण (राष्ट्र की परम्परा…

2 hours ago

सैलरी-पेंशन से GST तक, जम्मू-कश्मीर विधानसभा में उमर अब्दुल्ला ने पेश किए पांच बड़े बिल

जम्मू-कश्मीर में विधायकों की सैलरी बढ़ाने की तैयारी, 1.80 लाख से 3 लाख रुपये करने…

3 hours ago