ईश्वर ने सोचा एक दिन,कि बनाऊँ ऐसी रचना,जिसमें प्रेम हो, दया हो,और धर्म-कर्म की संरचना। फिर इंसान बनाया उसने,हृदय में…
मेलों की भीड़ में कितने भी हों,पर पहचाने कोई कोई जाते हैं,दुनिया में लाखों के मेले लगते हैं,पर हंस उड़ते…
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) उत्तर प्रदेश की राजनीतिक व सामाजिक हलचलों में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है:…