साहित्यकार जयंती

बाबू गुलाबराय: विचार, विवेक और व्यंग्य की सशक्त परम्परा

✍️ नवनीत मिश्र हिंदी साहित्य में बाबू गुलाबराय का स्थान एक ऐसे लेखक के रूप में सुरक्षित है, जिन्होंने निबन्ध…

2 months ago

हिन्दी के शेक्सपियर ‘रांगेय राघव’: यथार्थ, संघर्ष और सृजन की अमिट विरासत

पुनीत मिश्र हिन्दी साहित्य में जिन रचनाकारों ने अपने समय की सामाजिक विडम्बनाओं, मानवीय संघर्षों और ऐतिहासिक चेतना को गहन…

2 months ago

श्रीलाल शुक्ला: ‘रागदरबारी’ के जरिए भारतीय व्यवस्था की तीखी पड़ताल

नवनीत मिश्र हिन्दी साहित्य में श्रीलाल शुक्ला ऐसे साहित्यकार हैं, जिन्होंने कल्पना के आवरण में नहीं, बल्कि यथार्थ की कठोर…

2 months ago