सामाजिक मूल्य

निंदा छोड़ें, आत्मचिंतन अपनाएं: यही है श्रेष्ठता का मार्ग

गोंदिया, महाराष्ट्र।“न विना परवादेन रमते दुर्जनोजन:। काक: सर्वरसान भुक्ते विनामध्यम न तृप्यति।।“अर्थात् दुष्ट व्यक्ति बिना निंदा किए आनंद नहीं पाते,…

1 week ago

अखंड ज्योति का संदेश: आत्मिक प्रकाश से सामाजिक परिवर्तन तक

अखंड ज्योति: अंधकार के युग में मानव चेतना को प्रकाशित करने वाली शाश्वत लौ कैलाश सिंह महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।आज…

3 months ago