12 वर्षों बाद जीवनमुक्त सतगुरु बाबा ईश्वरशाह साहिब जी के पावन मुख से सत्संग श्रवण कर भावविभोर हुए हजारों श्रद्धालु…
“ईश्वर जब रूप नहीं, विवेक बनकर उतरते हैं”भूमिका : मौन से आगे, चेतना का अवतरण हमने देखा कि जब मनुष्य…