गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कृषि एवं प्राकृतिक विज्ञान संस्थान (आईएएनएस) में एक विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। जिसमें प्रसिद्ध चावल प्रजनक प्रो. बीएन सिंह ने “सीधे बीज वाले चावल: क्यों और कैसे?” पर अपने विचार साझा किए। उक्त कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के हीरक जयंती समारोह के तहत किया गया था। जिसमें आईएएनएस के निदेशक प्रो. दिनेश यादव और आईएएनएस के समन्वयक डॉ. रामवंत गुप्ता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रो. सिंह ने अपने व्याख्यान में सीधे बीज वाले चावल (डीएसआर) के महत्व पर प्रकाश डाला, जो पारंपरिक पोखरे वाली रोपाई विधियों का एक स्थायी विकल्प है। उन्होंने डीएसआर के लाभों पर जोर दिया। जिनमें पानी का कम उपयोग और न्यूनतम ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन शामिल है। जो जलवायु-लचीले कृषि प्रथाओं के साथ संरेखित हैं।
कार्यक्रम ने छात्रों के बीच नवीन कृषि पद्धतियों की गहन समझ विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और बदलती जलवायु परिस्थितियों के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा और पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित करने में डीएसआर के महत्व को रेखांकित किया।
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