उतरौला/बलरामपुर (राष्ट्र की परम्परा)। जीएसटी के अधिकारियों के आने और छापामारी करने का खौफ शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन भी बड़े व्यापारियों सहित छोटे-छोटे दुकानों में देखने को मिला। तीसरे दिन भी बंदी जैसा माहौल रहा। शहर की बात क्या करें, ग्रामीण क्षेत्र के चौराहों एवं गांव के अंदर की दुकानें भी बंद रही हैं। उतरौला कस्बे में तो लाकडाउन जैसी स्थिति देखने को मिली।मेडिकल की दुकानों के साथ किराना,कपड़ा, भोजनालय, मिष्ठान यहां तक कि चाय की दुकानें भी नहीं खुली। इस प्रकार से दुकानों के बंद होने से एक तरफ जहां व्यापारियों का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है तो वहीं दूसरी तरफ नागरिकों को जरूरत की वस्तुओं के लिए उन्हें इधर-उधर भटकना पड़ा रहा है और परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है ।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी चौराहे पर छाया रहा सन्नाटा
जीएसटी के अधिकारी के आने और छापामारी करने का खौफ शुक्रवार को उतरौला कस्बे के श्यामा प्रसाद मुखर्जी चौराहा सहित सभी महत्वपूर्ण चौराहों एवं गांवों में देखने को मिली और प्रमुख चौराहों सहित ग्रामीण क्षेत्रों और कस्बों की दुकानें बंद रही। शुक्रवार को उतरौला कस्बे सहित प्रमुख चौराहों पर ऐसा सन्नाटा पसरा रहा, जैसे लाकडाउन जैसा माहौल आ गया हो। सड़कों पर लोग दिखाई जरूर दिए, मगर दुकानें ज्यादातर बंद रही हैं और लोगो को दुश्वारियों से दो-चार होना पड़ा।
व्यापार मंडल ने कहा दुकानदारों को डरने की जरूरत नहीं
व्यापार मंडल अध्यक्ष शिव कुमार गुप्ता इस संबंध में बताया कि किसी भी दुकानदार को डरने की जरूरत नहीं है। व्यापारियों का समूह जीएसटी विभाग के अधिकारियों से मिला है हम लोगों ने अधिकारियों से बात की है और अधिकारियों ने कहा है कि हम व्यापार मंडल अध्यक्ष को विश्वास में लेकर ही किसी प्रकार की कार्रवाई करेंगे बड़े व्यापारी जो जीएसटी जमा नहीं कर रहे हैं और उनका व्यापार चालीस लाख से ऊपर है उनको चिन्हित किया जा रहा है। छोटे व्यापारी जिनका व्यापार चालीस लाख से नीचे है उन्हे डरने की कोई जरूरत नहीं है।
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