उतरौला/ बलरामपुर (राष्ट्र की परम्परा)।
शनिवार को उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के जिला संरक्षक हामिद अली चौधरी के नेतृत्व में शिक्षामित्र की विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु विधायक राम प्रताप वर्मा को ज्ञापन सौंपा। शिक्षामित्र का कहना है कि उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में लगभग एक लाख सैंतालीस हजार शिक्षामित्र शिक्षण कार्य कर रहे हैं जो स्नातक बीटीसी प्रशिक्षित हैं। इनको सरकार द्वारा दस हज़ार रुपए प्रति माह की दर से मात्र महीने का मानदेय दिया जाता है। जो इस महंगाई के दौर में बेहद कम है। इतने कम मानदेय में परिवार का पालन पोषण, जीवन यापन, बच्चों की परवरिश, माता-पिता के इलाज का खर्च वहन नहीं कर पा रहे हैं। इसी के कारण प्रदेश के अधिकतर शिक्षामित्र अवसाद ग्रस्त हो चुके हैं। विगत 6 वर्षों में अवसाद के कारण लगभग आठ हजार शिक्षामित्र की असामयिक मृत्यु हो चुकी है। पिछले 6 वर्षों में शिक्षामित्र के मानदेय में एक रुपए की भी वृद्धि नहीं की गई। जबकि अन्य सरकारी कर्मचारियों के वेतन में अप्रत्याशित वृद्धि सरकार द्वारा की गई है। शिक्षामित्र के इन समस्याओं को विधानसभा में रखते हुए प्रदेश सरकार से शिक्षामित्र के स्थाईकरण व समान कार्य समान वेतन दिलाने का मांग किया गया। अभय कुमार वर्मा, रविंद्र प्रसाद, लक्ष्मी निवास, कल्पनाथ, मोहम्मद आसिफ, खेसाल सिद्दीकी, अरविंद यादव, अनिल कुमार, तिलक राम, विमलेश कुमार, श्रीनिवास, अंबिका वर्मा, शिव प्रसाद, फूलचंद, शंभू, समेत अन्य शिक्षामित्र मौजूद रहे।
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