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SEBI की चेतावनी के बाद बढ़ा डर: डिजिटल गोल्ड में निवेश का सुरक्षित तरीका क्या है? जानें विकल्प

ऑनलाइन गोल्ड की बढ़ती लोकप्रियता और नियामक की चिंता

​पेटीएम, फोनपे, गूगल पे जैसे भुगतान ऐप्स के माध्यम से डिजिटल गोल्ड की खरीद में भारी उछाल आया है। NPCI के आंकड़ों के अनुसार, इस साल जनवरी में ₹762 करोड़ रुपये से बढ़कर अक्टूबर में यह लेनदेन ₹2,290 करोड़ रुपये पर पहुँच गया। गरिमा जैसे तमाम युवा अपनी सैलरी मिलते ही डिजिटल सोना खरीदना पसंद कर रहे हैं, क्योंकि इसमें ₹1 से भी निवेश शुरू किया जा सकता है।

​डिजिटल गोल्ड में, फिनटेक कंपनियां अधिकृत आयातक या आपूर्तिकर्ता के साथ साझेदारी करती हैं, जो 24 कैरेट के फिजिकल गोल्ड को सुरक्षित, बीमाकृत वॉल्ट में रखते हैं। प्लेटफॉर्म पर खरीद करने पर सोने की उतनी मात्रा निवेशक के नाम पर आवंटित हो जाती है।

SEBI की चेतावनी: सुरक्षा और रेगुलेशन पर गंभीर सवाल

​बाजार नियामक SEBI (Securities and Exchange Board of India) के हालिया बयान ने इस बढ़ते ट्रेंड पर गंभीर चिंताएँ पैदा कर दी हैं। डिजिटल गोल्ड की खरीद और बिक्री SEBI या RBI जैसे किसी भी नियामक के सीधे नियंत्रण में नहीं है। इसे ज्वेलर्स या मेटल ट्रेडर्स के साथ गठजोड़ करने वाले फिनटेक प्लेटफॉर्म बेचते हैं।

SEBI का डर क्या है?

अगर सोने को बेचने वाला प्लेटफॉर्म या उनका भागीदार (आपूर्तिकर्ता) दिवालिया हो जाता है, तो आपके सोने की सुरक्षा को लेकर कोई स्पष्ट कानूनी सुरक्षा (Legal Protection) नहीं है। यह नियामक की अनुपस्थिति में निवेशकों के लिए जोखिम (Risk) पैदा करता है।

डिजिटल गोल्ड के सुरक्षित विकल्प: SEBI नियंत्रित निवेश

​निवेश विशेषज्ञों का मानना है कि सोने में निवेश करने के लिए SEBI द्वारा नियंत्रित और अधिक पारदर्शी विकल्प चुनना सबसे सुरक्षित है:

  1. गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (Gold ETF):
    • ​ये म्यूचुअल फंड की स्कीमें हैं जो फिजिकल गोल्ड की कीमत को ट्रैक करती हैं।
    • ​इनकी खरीद-बिक्री स्टॉक एक्सचेंज (Stock Exchange) पर होती है और ये पूरी तरह से SEBI द्वारा नियंत्रित होते हैं।
    • ​इन्हें डीमैट खाते (Demat Account) में इलेक्ट्रॉनिक यूनिट के रूप में रखा जाता है, जिससे पारदर्शिता और निवेशक की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
  2. गोल्ड म्यूचुअल फंड्स (Gold Mutual Funds):
    • ​ये फंड गोल्ड ETF या सोने के खनन और रिफाइनिंग में लगी कंपनियों में निवेश करते हैं।
    • ​ये उन निवेशकों के लिए बेहतर हैं जिनके पास डीमैट खाता नहीं है और वे डिजिटल रूप में सोना खरीदना चाहते हैं।
निवेशकों के लिए ज़रूरी सलाह

​बाजार विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले अपने पंजीकृत वित्तीय सलाहकार (Registered Financial Advisor) से सलाह ज़रूर लें। नियामक की चेतावनी को देखते हुए, निवेशकों को डिजिटल गोल्ड की बजाय SEBI नियंत्रित गोल्ड ETF या गोल्ड म्यूचुअल फंड्स जैसे सुरक्षित विकल्पों पर विचार करना चाहिए।

​कॉर्पोरेट और बाज़ार कैलेंडर (26 – 28 नवंबर)
  • IPO लिस्टिंग: एक्सेलसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज (26 नवंबर), सुदीप फार्मा (28 नवंबर)।
  • तिमाही नतीजे/घोषणा: पावर फाइनेंस (26 नवंबर), एके कैपिटल सर्विसेस (27 नवंबर), मीरा इंडस्ट्रीज और Q2 GDP आंकड़े (28 नवंबर)।
Karan Pandey

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