एसबीआई का 2030 विजन: 200 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है बैंक का कारोबार, डिजिटल बैंकिंग बनेगी आधारशिला

एसबीआई का बड़ा विजन: 2030 तक 200 लाख करोड़ रुपये के कारोबार का लक्ष्य, डिजिटल बैंकिंग पर खास जोर

नयी दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के चेयरमैन सी. एस. शेट्टी ने बैंक की आगामी विकास रणनीति को लेकर बड़ा विजन सामने रखा है। उन्होंने कहा कि एसबीआई की विकास यात्रा का आधार ‘डिजिटल फर्स्ट, कस्टमर फर्स्ट, नेशन ऑलवेज’ रहेगा। बैंक डिजिटल तकनीक के विस्तार के साथ ग्राहकों के हितों की सुरक्षा और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अपनी भूमिका को और व्यापक बनाने पर काम कर रहा है।
पीटीआई को दिए साक्षात्कार में शेट्टी ने कहा कि पिछले दो वर्षों में एसबीआई ने अपनी पूंजी स्थिति मजबूत करने, वित्तीय क्षेत्र में अपनी भूमिका को गहरा करने तथा डिजिटल और ग्राहक-केंद्रित बैंकिंग व्यवस्था विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया है। उनके मुताबिक बैंक में किए जा रहे कई बदलावों का वास्तविक प्रभाव आने वाले वर्षों में और स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।
डिजिटल बैंकिंग के साथ ग्राहक सुरक्षा पर जोर
शेट्टी के अनुसार एसबीआई के लिए डिजिटल बदलाव का अर्थ केवल नई तकनीक अपनाना नहीं है। डिजिटल बैंकिंग के विस्तार के साथ ग्राहकों की सुरक्षा, वित्तीय साक्षरता और डिजिटल जागरूकता को भी प्राथमिकता देना जरूरी है। बैंक का प्रयास है कि ग्राहक केवल बैंकिंग लेन-देन तक सीमित न रहें, बल्कि उनके साथ लंबे समय के भरोसेमंद संबंध विकसित हों।
उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेवाओं को ग्राहकों की आर्थिक प्रगति और बेहतर आजीविका के अवसरों से जोड़ना भी महत्वपूर्ण है। एसबीआई अपनी पारंपरिक संबंध-आधारित बैंकिंग व्यवस्था को आधुनिक डिजिटल नवाचार के साथ जोड़कर आगे बढ़ने की रणनीति पर काम कर रहा है।
2030 तक कारोबार दोगुना होने की संभावना
एसबीआई चेयरमैन ने बैंक के भविष्य के कारोबार को लेकर भी महत्वपूर्ण अनुमान साझा किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा वृद्धि की रफ्तार बनी रही तो 2030 तक बैंक का कुल कारोबार करीब 170 से 180 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। परिस्थितियां अनुकूल रहने पर यह आंकड़ा 200 लाख करोड़ रुपये तक भी पहुंच सकता है।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि बैंक ने अपनी ‘प्लैटिनम जुबली’ के लिए कोई औपचारिक कारोबार लक्ष्य निर्धारित नहीं किया है। यह अनुमान मौजूदा वृद्धि दर और बैंक की विकास क्षमता के आधार पर है।
पूंजी मजबूती और रणनीतिक भूमिका पर फोकस
शेट्टी ने अपने कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में बैंक के पूंजी आधार को मजबूत करने, एसबीआई म्यूचुअल फंड की सूचीबद्धता और यस बैंक से जुड़े मामले में बैंक की रणनीतिक भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने संकेत दिया कि एसबीआई आने वाले वर्षों में वित्तीय क्षेत्र में अपनी भूमिका को और मजबूत करने के साथ अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों को समर्थन देता रहेगा।
एसबीआई की स्थापना एक जुलाई 1955 को संसद के कानून के तहत हुई थी। जून 2026 के अंत तक बैंक का कुल कारोबार 110.01 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका था। चेयरमैन के ताजा अनुमान के मुताबिक अगले कुछ वर्षों में बैंक के कारोबार का आकार मौजूदा स्तर से काफी बढ़ सकता है।
एसबीआई की रणनीति का केंद्रीय संदेश स्पष्ट है—तकनीक के साथ भरोसा, डिजिटल विस्तार के साथ ग्राहक सुरक्षा और बैंकिंग विकास के साथ देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना।

Editor CP pandey

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