सादुल्लानगर/बलरामपुर (राष्ट्र की परम्परा)। गांव मे बनी हाट बाजार संचालित नहीं होने से हाथ के दात साबित हो रहा हैं ।विकास खंड रेहराबाजार के अंतर्गत आने वाले बैरिया सुर्जनपुर गांव में किसानों की आमदनी बढ़ाने और उन्हें स्वरोजगार देने के उद्देश्य से वर्ष 2010 में स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत सरस हाट का निर्माण कराया गया था। लेकिन आज यह इमारत पूरी तरह बेकार पड़ी है और आवारा पशुओं का आश्रय स्थल बन चुकी है।
स्थानीय ग्रामीणों की मानें तो लाखों रुपये खर्च कर तैयार की गई यह मार्केट न तो कभी किसानों के काम आई और न ही इसका कोई सकारात्मक उपयोग हो सका। इमारत की स्थिति बद से बदतर हो चुकी है — बाउंड्री वॉल टूटी हुई है, कमरों के शटर, खिड़कियां और गेट उखड़ चुके हैं। परिसर में झाड़-झंखाड़ उग आए हैं, और टीन शेड, शौचालय व पेयजल की सुविधाएं केवल कागज़ों तक सीमित रह गईं। ग्रामीणों का आरोप है कि भवन निर्माण में गुणवत्ता और मानकों की अनदेखी की गई। विभागीय उदासीनता के कारण यह योजना सफल नहीं हो सकी और आज यह हाट पूरी तरह विफल परियोजना बन चुकी है। संजय कुमार, राम लखन ,रमजान, मुकेश, राघवराम यादव, मोहम्मद अहमद, दिनेश ,एहसान व राम तेज ने हांट बाजार संचालित कराने मांग की है । वर्तमान सरकार के जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान दें और इस बेकार पड़ी इमारत का पुनर्विकास किसी नई योजना के तहत किया जाए ताकि इसका लाभ ग्रामीणों को मिल सके। इस सम्बन्ध में बीडीओ रेहराबाजार रजनीश शुक्ल ने बताया कि जांच कर हाट बाजार संचालित कराने के लिए पत्राचार किया जाएगा।
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