इतिहास के पन्नों में अमर 23 दिसंबर: देश-दुनिया को दिशा देने वाले महान व्यक्तित्वों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि
23 दिसंबर इतिहास का वह दिन है, जब राजनीति, सिनेमा, स्वतंत्रता आंदोलन और समाज सुधार के कई महान स्तंभ इस संसार से विदा हुए। ये वे नाम हैं, जिनका योगदान केवल अपने समय तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के विचार और दृष्टि को भी आकार देता रहा। आइए 23 दिसंबर को हुए इन महत्वपूर्ण निधन पर विस्तार से प्रकाश डालते हैं।
🎬 श्याम बेनेगल (निधन: 23 दिसंबर 2024)
जन्म: 14 दिसंबर 1934
जन्म स्थान: हैदराबाद, तेलंगाना, भारत
श्याम बेनेगल भारतीय समानांतर सिनेमा के सबसे सशक्त स्तंभ माने जाते हैं। उन्होंने हिन्दी सिनेमा को मनोरंजन से आगे बढ़ाकर सामाजिक यथार्थ से जोड़ा। अंकुर, निशांत, मंथन, भूमिका जैसी फिल्मों के माध्यम से ग्रामीण भारत, स्त्री विमर्श और सत्ता-संरचना को गहराई से प्रस्तुत किया। उन्हें दादा साहेब फाल्के पुरस्कार सहित अनेक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिले। भारतीय फिल्म संस्थानों और युवा फिल्मकारों के लिए वे प्रेरणास्रोत रहे।
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🏛️ के. करुणाकरन (निधन: 23 दिसंबर 2010)
जन्म: 5 जुलाई 1918
जन्म स्थान: कन्नूर जिला, केरल, भारत
के. करुणाकरन केरल की राजनीति का एक प्रभावशाली नाम थे। वे चार बार केरल के मुख्यमंत्री रहे और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को राज्य में मजबूत आधार दिया। स्वतंत्रता आंदोलन में भागीदारी से लेकर प्रशासनिक दक्षता तक, उनका राजनीतिक जीवन बहुआयामी रहा। उन्होंने बुनियादी ढांचे, शिक्षा और सामाजिक स्थिरता पर विशेष ध्यान दिया। केरल की आधुनिक राजनीति में उनका योगदान आज भी मार्गदर्शक माना जाता है।
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🎤 नूरजहाँ (निधन: 23 दिसंबर 2000)
जन्म: 21 सितंबर 1926
जन्म स्थान: कसूर, पंजाब (अब पाकिस्तान)
मलिका-ए-तरन्नुम नूरजहाँ भारतीय उपमहाद्वीप की सबसे प्रभावशाली गायिका और अभिनेत्री थीं। उन्होंने भारतीय सिनेमा से अपने करियर की शुरुआत की और बाद में पाकिस्तान में संगीत की दुनिया में नया अध्याय रचा। उनकी आवाज़ में दर्द, मोहब्बत और रूहानी गहराई थी। फिल्मी संगीत को उन्होंने शास्त्रीय और लोक रंगों से समृद्ध किया। उनका योगदान आज भी दोनों देशों की सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है।
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🇮🇳 पामुलापर्ति वेंकट नरसिंह राव (निधन: 23 दिसंबर 2004)
जन्म: 28 जून 1921
जन्म स्थान: करीमनगर जिला, तेलंगाना, भारत
पी. वी. नरसिंह राव भारत के दसवें प्रधानमंत्री थे। उनके कार्यकाल में 1991 का ऐतिहासिक आर्थिक उदारीकरण हुआ, जिसने भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था से जोड़ा। वे विद्वान, लेखक और बहुभाषी नेता थे। कठिन आर्थिक परिस्थितियों में लिए गए उनके निर्णयों ने भारत की विकास यात्रा की दिशा बदल दी। आधुनिक भारत की आर्थिक नींव रखने में उनका योगदान अविस्मरणीय है।
🕊️ स्वामी श्रद्धानन्द (निधन: 23 दिसंबर 1926)
जन्म: 22 फरवरी 1856
जन्म स्थान: तलवंडी, लुधियाना जिला, पंजाब, भारत
स्वामी श्रद्धानन्द महान स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक और आर्य समाज के प्रमुख नेता थे। उन्होंने दलित उत्थान, स्त्री शिक्षा और सामाजिक समानता के लिए जीवन समर्पित किया। गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय की स्थापना उनके दूरदर्शी प्रयासों का परिणाम है। वे सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध निर्भीक स्वर थे और उनका बलिदान भारतीय समाज सुधार आंदोलन का अमूल्य अध्याय है।
🏹 अर्जुन लाल सेठी (निधन: 23 दिसंबर 1941)
जन्म: 9 सितंबर 1880
जन्म स्थान: जयपुर जिला, राजस्थान, भारत
अर्जुन लाल सेठी राजस्थान के प्रमुख क्रांतिकारी और स्वतंत्रता सेनानी थे। वे युवाओं में राष्ट्रवादी चेतना जगाने के लिए गुप्त क्रांतिकारी गतिविधियों से जुड़े रहे। ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष में उन्होंने संगठन और विचार दोनों स्तरों पर योगदान दिया। उनका जीवन त्याग, साहस और देशभक्ति का प्रतीक है।
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