गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के महायोगी गुरु श्रीगोरखनाथ शोधपीठ द्वारा प्रकाशित पुस्तक “महात्मा बुद्ध एवं गुरु गोरखनाथ का जीवन दर्शन” का विमोचन कुलपति प्रो. पूनम टंडन के करकमलों से किया गया। इस अवसर पर शोधपीठ के उपनिदेशक डॉ. कुशल नाथ मिश्र, सहायक निदेशक डॉ. सोनल सिंह, सहायक ग्रंथालयी डॉ. मनोज कुमार द्विवेदी तथा रिसर्च एसोसिएट डॉ. सुनील कुमार उपस्थित रहे।
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विमोचन अवसर पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि यह पुस्तक महात्मा बुद्ध और गुरु गोरखनाथ के जीवन-दर्शन को व्यापक रूप से प्रस्तुत करती है तथा भारतीय आध्यात्मिक परंपरा की गहराई को समझने में सहायक सिद्ध होगी।
पुस्तक के संपादक एवं शोधपीठ के उपनिदेशक डॉ. कुशल नाथ मिश्र ने बताया कि यह ग्रंथ मार्च माह में आयोजित द्विदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रस्तुत शोधपत्रों का द्वितीय संकलन है। इसमें नाथ पंथ और बौद्ध धर्म के मध्य समानताओं तथा उनकी वैचारिक एकरूपताओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया है।
कार्यक्रम में शोधपीठ के शोध अध्येता डॉ. हर्षवर्धन सिंह एवं चिन्मयानन्द मल्ल भी उपस्थित रहे। पुस्तक का संपादन डॉ. कुशल नाथ मिश्र एवं डॉ. सोनल सिंह ने किया है, जबकि सहायक संपादन डॉ. मनोज कुमार द्विवेदी, डॉ. सुनील कुमार एवं डॉ. हर्षवर्धन सिंह द्वारा किया गया है।
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