बारिश का कहर: गंगा, पुनपुन और सोन ने दिखाया रौद्र रूप, पटना समेत कई जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ा

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)
बिहार में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण राज्य की प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। खासकर राजधानी पटना में गंगा, पुनपुन और सोन नदियां रौद्र रूप धारण कर चुकी हैं। बीते 24 घंटे में इन नदियों के जलस्तर में चिंताजनक बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। जिला प्रशासन अलर्ट पर है और कई स्थानों पर राहत व बचाव की तैयारी शुरू कर दी गई है।

गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ा
गंगा नदी का जलस्तर राजधानी पटना में विभिन्न घाटों पर तेजी से बढ़ रहा है। सोमवार शाम गांधी घाट पर जलस्तर 49.9 मीटर दर्ज किया गया था, जो मंगलवार शाम तक बढ़कर 49.57 मीटर तक पहुंच गया। यह इस मॉनसून सीजन का अब तक का सबसे ऊंचा जलस्तर बताया जा रहा है।

गांधी घाट पर पिछले 24 घंटे में जलस्तर में 48 सेंटीमीटर की वृद्धि
मनेर में 16 सेंटीमीटर, दीघा घाट पर 12 सेंटीमीटर, और हाथीदह में 9 सेंटीमीटर की वृद्धि

दानापुर और मनेर के दियारा क्षेत्रों में पानी का बहाव तेज
पुनपुन और सोन नदी का भी जलस्तर खतरे की ओर
पुनपुन नदी के जलस्तर में भी लगातार वृद्धि देखी जा रही है। बीते 24 घंटे में पुनपुन का जलस्तर 19 सेंटीमीटर बढ़ा है, जिससे पटना के दक्षिणी इलाकों में पानी भरने की स्थिति बन गई है।

सोन नदी भी बारिश के चलते उफान पर है। बिहटा और आसपास के इलाकों में नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच रहा है। निचले इलाकों में मिट्टी धंसने और जलजमाव की खबरें मिल रही हैं।

पटना के कई इलाके जलमग्न पटना शहर के निचले इलाकों में गंगा और पुनपुन का पानी घुसने लगा है। कृष्णा घाट के पाथवे पर पानी आने के कारण यहां सुबह-शाम घूमने पर रोक लगा दी गई है। भद्र घाट और इसके आसपास की सड़कों पर भी पानी चढ़ गया है, जिससे यातायात बाधित हुआ है।

दानापुर में टूटा गांवों से संपर्क दानापुर के दियारा क्षेत्र के कई गांवों — पुरानी पानापुर, कासिमचक, हेतनपुर, गंगहारा, पतलापुर, मानस और अकिलपुर पंचायत — के आसपास पानी का बहाव बहुत तेज हो गया है। कई गांवों का संपर्क मुख्य भूमि से टूट गया है, जिससे राहत सामग्री पहुंचाने में कठिनाई हो रही है।

अन्य नदियों का भी जलस्तर बढ़ा कोसी नदी सुपौल और सहरसा में खतरे के निशान के करीब बह रही है। तटबंधों पर दबाव बढ़ गया है।
बागमती नदी सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर और दरभंगा में रफ्तार पकड़ रही है। निचले क्षेत्रों में जलभराव शुरू हो गया है।

गंडक नदी पश्चिमी चंपारण और गोपालगंज में उफान पर है। वाल्मीकिनगर बैराज से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने से हालात बिगड़ने की आशंका है।
प्रशासन हाई अलर्ट पर राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, सभी जिलों में एसडीआरएफ की टीमें तैनात की जा रही हैं। संभावित बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत शिविर स्थापित किए जा रहे हैं और नावों की व्यवस्था की जा रही है।

पटना डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जलजमाव और तटबंध की स्थिति पर 24 घंटे निगरानी रखी जाए। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और प्रशासन द्वारा जारी किए गए निर्देशों का पालन करें।

संभावित खतरा: यदि अगले 48 घंटों में बारिश की गति नहीं थमी तो राज्य के कई जिलों में गंभीर बाढ़ की स्थिति बन सकती है। खासकर पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, सीतामढ़ी, दरभंगा और समस्तीपुर में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

Editor CP pandey

Recent Posts

शिक्षा का अधिकार 2026: प्रथम चरण की लॉटरी में 519 बच्चों का चयन

कुशीनगर में RTE ऑनलाइन लॉटरी में बच्चों को निजी विद्यालयों में मिला मुफ्त प्रवेश कुशीनगर…

11 minutes ago

बरहज स्टेशन करे पुकार पानी शौचालय दे सरकार – कांग्रेस

ब्रिटिश कॉल मे व्यापार के लिए बना रेलवे स्टेशन हाल्ट मे तब्दील -रविप्रताप सिंह बरहज/देवरिया(राष्ट्र…

18 minutes ago

मतदाता सूची संशोधन हेतु विशेष अभियान दिवस घोषित

22 फरवरी को विशेष अभियान दिवस, मतदाता सूची में नाम जोड़ने का सुनहरा अवसर कुशीनगर…

1 hour ago

देवरिया में झपटमारी गैंग का पर्दाफाश

4 शातिर गिरफ्तार, माल व 2 बाइक बरामद देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देवरिया में झपटमारी…

1 hour ago

पीएम विश्वकर्मा लाभार्थियों को स्वरोजगार व डिजिटल सशक्तिकरण की दी गई जानकारी

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। आकांक्षी विकास खंड बघौली में पीएम विश्वकर्मा लाभार्थियों के…

1 hour ago

आईटीआई देवरिया में जॉब फेयर, इंटरव्यू देकर पाएं तुरंत नौकरी

देवरिया रोजगार महोत्सव 2026: 24 फरवरी को राजकीय आईटीआई में जॉब का सुनहरा मौका, 15+…

2 hours ago