पीडब्ल्यूडी की लापरवाही से गोरखपुर में हाहाकार

नौशाढ़ चौराहे पर घंटों लगा रहा जाम

डीएम दीपक मीणा और एसएसपी राज करन नय्यर ने संभाली कमान, राहत दिलाने में जुटे अधिकारी

गोरखपुर(राष्ट्र क़ी परम्परा)
रविवार की रात लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की लापरवाही ने सोमवार को पूरे शहर को जाम की चपेट में ला दिया। नौशढ़ चौराहे पर पुलिया निर्माण के लिए बिना किसी अग्रिम सूचना के सड़क की खुदाई कर दी गई। रात में हुई इस खुदाई का नतीजा सोमवार सुबह भारी अव्यवस्था के रूप में सामने आया। जब सुबह 10 बजे के बाद लोगों की आवाजाही बढ़ी, तो नौशढ़ चौराहे से लेकर आसपास के इलाकों तक लंबी-लंबी वाहनों की कतारें लग गईं।
जाम से बचने के लिए लोग जब अन्य मार्गों से निकलने लगे तो शहर के अन्य रास्तों — असुरन, मेडिकल रोड, मोहद्दीपुर, धर्मशाला बाजार, तारामंडल रोड गोरखनाथ — पर भी वाहनों का दबाव बढ़ता चला गया। देखते ही देखते पूरे शहर में ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई और आमजन घंटों तक जाम में फंसे रहे।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राज करन नय्यर ने मौके की जानकारी प्राप्त की और अधिकारियों को तत्काल राहत कार्य में लगाने के निर्देश दिए। दोनों अधिकारियों ने संबंधित विभागों को मौके पर पहुंचकर व्यवस्था सामान्य करने का आदेश दिया।
ट्रैफिक पुलिस की टीम ने रात-दिन लगाकर व्यवस्था संभाली। एसपी ट्रैफिक राजकुमार पांडे स्वयं मौके पर पहुंचे और ट्रैफिक पुलिस इंस्पेक्टर मनोज राय के साथ घंटों तक सड़क पर डटे रहे। उन्होंने वाहनों को डायवर्ट कर जाम को नियंत्रित करने की कोशिश की।
भीड़ को राहत दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने पीडब्ल्यूडी के अफसरों को तत्काल खुदाई पटवाने के निर्देश दिए। घंटों की मशक्कत के बाद सड़क के बीच खोदे गए गड्ढे को अस्थायी रूप से भरकर ट्रैफिक चालू कराया गया। इससे आम जनता को राहत मिली और धीरे-धीरे यातायात सामान्य होने लगा।
स्थानीय लोगों ने पीडब्ल्यूडी की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि विभाग ने बिना किसी ट्रैफिक प्लान या वैकल्पिक व्यवस्था के खुदाई शुरू कर दी, जिससे शहर में अफरा-तफरी मच गई। जनता ने मांग की है कि भविष्य में ऐसे कार्यों के लिए पूर्व सूचना और वैकल्पिक मार्ग सुनिश्चित किए जाएं, ताकि आमजन को परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रशासन की तत्परता और ट्रैफिक पुलिस की मेहनत से आखिरकार गोरखपुर को बड़ी राहत मिली, लेकिन इस घटना ने पीडब्ल्यूडी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।

rkpNavneet Mishra

Recent Posts

मिलेट्स की तीनों प्रतियोगिताओं में गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्रों का जलवा, सभी शीर्ष स्थान कब्जाये

मिलेट्स प्रतियोगिताओं में महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के छात्रों का दबदबा, तीनों प्रतियोगिताओं में हासिल किए…

5 minutes ago

गड्ढे, कीचड़ और नाली का गंदा पानी; भागलपुर के मुख्य मार्ग पर कब मिलेगी राहत?

भागलपुर/देवरिया। (राष्ट्र की परम्परा) मईल थाना क्षेत्र में भागलपुर ब्लॉक कार्यालय और बीजीएम क्रिश्चियन इंटर…

12 minutes ago

योगी सरकार का महिलाओं पर फोकस, कारोबार शुरू करने को मिलेगा ब्याज मुक्त पैसा; ई-रिक्शा पर भी मदद

यूपी की महिलाओं को मिलेगा ब्याज मुक्त कर्ज, 20 हजार से शुरू होगी मदद; अगली…

39 minutes ago

डीजल-पंप का खर्च होगा कम! किसानों को सोलर पंप पर 90% तक सब्सिडी

किसानों के लिए बड़ी राहत: सोलर पंप पर 90% तक सब्सिडी, सिंचाई खर्च घटाने में…

53 minutes ago

लोकतंत्र में राजनीति: समाज सेवा का सर्वोच्च माध्यम या सत्ता का खेल?

लेखक: चंद्रकांत सी. पूजारी, गुजरात लोकतंत्र में राजनीति को समाज सेवा का सर्वोच्च माध्यम माना…

2 hours ago

सुबह-सुबह पुलिस का विशेष अभियान, संदिग्धों की चेकिंग से लेकर छात्राओं की जागरूकता तक

गुड मॉर्निंग देवरिया: सुबह-सुबह सड़कों पर उतरी पुलिस, बुजुर्गों से संवाद और बालिकाओं को सुरक्षा…

5 hours ago