युवाओं के लिए बड़े रोजगार की तैयारी, डीएम के निर्देश सख्त आदेश

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के युवाओं को बेहतर, सुरक्षित और स्थायी रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन ने ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) से संबंधित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना रहा कि प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं को केवल प्रमाण पत्र तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें सम्मानजनक, दीर्घकालिक और सुरक्षित रोजगार के वास्तविक अवसर भी उपलब्ध कराए जाएं।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनपद में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तभी बढ़ेंगे, जब बड़ी और प्रतिष्ठित कंपनियों को यहां आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनपद की भौगोलिक स्थिति, संसाधनों और उपलब्ध मानव शक्ति को ध्यान में रखते हुए नामी कंपनियों से संपर्क करें, ताकि स्थानीय युवाओं को बाहर जाने की मजबूरी न हो और उन्हें अपने ही जिले में रोजगार मिल सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि कौशल विकास योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब प्रशिक्षण के बाद युवाओं को सम्मानजनक और स्थायी रोजगार मिलेगा। केवल प्रशिक्षण देना या रोजगार मेला आयोजित कर देना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रोजगार मेलों को औपचारिकता न बनाकर परिणामोन्मुखी बनाया जाए, ताकि युवाओं को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भविष्य में जब भी रोजगार मेला आयोजित किया जाए, तो उसकी पूर्व सूचना अनिवार्य रूप से जिला प्रशासन के उच्च अधिकारियों को दी जाए। इससे यह स्पष्ट रूप से आकलन किया जा सकेगा कि किस रोजगार मेले में कौन-कौन सी कंपनियां आईं, उन्होंने कितने युवाओं का चयन किया और चयनित युवाओं को किस प्रकार का कार्य तथा किस वेतनमान पर रोजगार प्रदान किया गया।

जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि रोजगार मेलों के बाद चयनित युवाओं की सूची को व्यवस्थित रूप से संधारित किया जाए। इसके साथ ही युवाओं से फीडबैक भी लिया जाए, ताकि यह जाना जा सके कि उन्हें मिला रोजगार उनकी अपेक्षाओं और प्रशिक्षण के अनुरूप है या नहीं। इससे भविष्य में रोजगार मेलों और कौशल विकास योजनाओं की गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जा सकेगा।

बैठक में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति, प्रशिक्षण भत्ता और अन्य शासकीय सुविधाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पात्र विद्यार्थियों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी छात्र को केवल आर्थिक कारणों से प्रशिक्षण से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

ये भी पढ़ें – Jammu Kashmir Accident: डोडा के खन्नीटॉप में जवानों से भरी गाड़ी खाई में गिरी, 10 सैनिक शहीद

उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति और प्रशिक्षण भत्ते के भुगतान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए नियमित समीक्षा और मॉनिटरिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि पात्र विद्यार्थियों को समय पर सहायता मिल सके और वे बिना किसी बाधा के अपना प्रशिक्षण पूरा कर सकें।

जिलाधिकारी ने कौशल विकास योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता सर्वोपरि होनी चाहिए। यदि प्रशिक्षण उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप नहीं होगा, तो युवाओं को रोजगार मिलने में कठिनाई आएगी। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रशिक्षण पाठ्यक्रम और कार्यप्रणाली उद्योगों की वर्तमान मांग के अनुसार हों।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि आईटीआई और कौशल विकास केंद्रों में चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाए। प्रशिक्षण देने वाले प्रशिक्षकों की दक्षता, उपलब्ध संसाधन और प्रशिक्षण की व्यवहारिक उपयोगिता पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि युवाओं की योग्यता वास्तव में उद्योगों के लिए उपयोगी बन सके।
बैठक के दौरान यह संदेश भी स्पष्ट रूप से दिया गया कि युवाओं का भविष्य जिला प्रशासन की प्राथमिकता में सर्वोपरि है। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि युवा सशक्त होंगे और उन्हें रोजगार मिलेगा, तो जनपद का समग्र विकास भी तेजी से होगा। इसलिए इस दिशा में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

ये भी पढ़ें – Gorakhpur News: तहसील सभागार में SIR के तहत दावे–आपत्तियों का निस्तारण जारी, 10 से 5 बजे तक पहुंच रहे मतदाता

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह, आईटीआई प्राचार्य, सेवा योजना अधिकारी तथा कौशल विकास मिशन से जुड़े अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि कौशल विकास योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से युवाओं तक पहुंचे।
अधिकारियों को यह भी कहा गया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखी जाए और समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। इससे न केवल योजनाओं की निगरानी बेहतर होगी, बल्कि कमियों की पहचान कर समय रहते सुधार भी किया जा सकेगा।

जिलाधिकारी की इस समीक्षा बैठक को जनपद के युवाओं के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य है कि कौशल विकास और रोजगार के बीच की खाई को पाटा जाए और युवाओं को प्रशिक्षण के साथ-साथ वास्तविक रोजगार के अवसर भी मिलें। यदि निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन किया गया, तो आने वाले समय में महराजगंज जनपद के युवाओं के लिए रोजगार के नए और बेहतर अवसर सृजित हो सकते हैं।

Read this: https://ce123steelsurvey.blogspot.com/2025/07/best-health-insurance-plans-in-usa-2025.html

Karan Pandey

Recent Posts

होमगार्ड भर्ती परीक्षा: महराजगंज में 3 दिन ट्रैफिक अलर्ट, भारी वाहनों की एंट्री बंद

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स एनरोलमेंट-2025 परीक्षा को शांतिपूर्ण और जाममुक्त तरीके से…

8 hours ago

मन को हल्का बनाएं, अपेक्षाओं से दूरी बढ़ाएं

— नवनीत मिश्रमनुष्य का जीवन अपेक्षाओं के ताने-बाने से बुना हुआ है। हम हर दिन,…

8 hours ago

संतकबीरनगर में गैस सिलिंडरों से भरी DCM दुर्घटनाग्रस्त, चालक की जान बची

संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र में सोनी होटल के पास गैस सिलिंडरों से…

9 hours ago

नेपाल सड़क हादसे के घायलों से मिले डीएम-एसपी, बेहतर इलाज के दिए निर्देश

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। नेपाल में हुए सड़क हादसे में घायल लोगों का हाल-चाल लेने…

18 hours ago

पहली बार सैनिक कल्याण भवन में ‘सैनिक बन्धु’ बैठक, समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। नवनिर्मित सैनिक कल्याण भवन में पहली बार आयोजित ‘सैनिक…

18 hours ago

बीच चौराहे पर दबंगों का हमला, शादी का सामान लूटा, युवक गंभीर

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के मेहदावल थाना क्षेत्र के नगर पंचायत मेहदावल…

18 hours ago