राजकीय जिला पुस्तकालय के सुंदरीकरण और डिजिटल विस्तार की तैयारी

मऊ(राष्ट्र की परम्परा)l जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में राजकीय जिला पुस्तकालय समिति की महत्वपूर्ण बैठक जिलाधिकारी कैंप कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक में जिले में संचालित राजकीय जिला पुस्तकालय की वर्तमान स्थिति, सुविधाओं के विस्तार, पुस्तक संग्रह की वृद्धि तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक के दौरान जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम प्रसाद ने जानकारी दी कि जनपद में राजकीय जिला पुस्तकालय की स्थापना वर्ष 2012 में की गई थी। वर्तमान में पुस्तकालय से जुड़े सदस्यों की संख्या 430 है, जबकि पुस्तकालय में कुल 2181 पुस्तकें उपलब्ध हैं। इन पुस्तकों में प्रतियोगी परीक्षाओं, सामान्य ज्ञान, साहित्य, इतिहास, भूगोल, विज्ञान एवं अन्य विषयों से संबंधित पुस्तकें शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि जनपद के वे छात्र जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, वे मात्र ₹150 वार्षिक शुल्क जमा कर राजकीय जिला पुस्तकालय की सदस्यता प्राप्त कर सकते हैं। यह शुल्क अत्यंत न्यूनतम है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को भी अध्ययन का समान अवसर मिल सके।
पुस्तकालय के सुंदरीकरण और आधुनिकीकरण पर जोर
बैठक में यह भी प्रस्ताव रखा गया कि राजकीय जिला पुस्तकालय का सुंदरीकरण एवं आधुनिकीकरण कराया जाए। इसके अंतर्गत पुस्तकालय भवन का नवीनीकरण, बाउंड्री वॉल का निर्माण, फर्नीचर की व्यवस्था, पठन कक्ष का विस्तार तथा आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने पर चर्चा की गई।
इसके अलावा पुस्तकालय में संदर्भ ग्रंथों, नवीन प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकों, राष्ट्रीय व स्थानीय पत्र-पत्रिकाओं की संख्या बढ़ाने तथा ई-लाइब्रेरी और डिजिटल संसाधनों को विकसित करने का सुझाव दिया गया। अधिकारियों का कहना था कि डिजिटल युग को देखते हुए छात्रों को ऑनलाइन अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है।
जिलाधिकारी ने दिया आश्वासन
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र ने कहा कि राजकीय जिला पुस्तकालय जिले के छात्रों के भविष्य निर्माण में अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने पुस्तकालय के सुंदरीकरण और सुविधाओं के विस्तार को लेकर पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि शीघ्र ही पुस्तकालय में बाउंड्री वॉल का निर्माण, नई प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकों की खरीद, साहित्यिक पुस्तकों का विस्तार तथा पठन-पाठन के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने का कार्य प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि छात्रों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को मिलेगा बढ़ावा
राजकीय जिला पुस्तकालय को प्रतियोगी छात्रों के लिए एक अध्ययन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर भी बैठक में सहमति बनी। पुस्तकालय में शांत वातावरण, पर्याप्त रोशनी, बैठने की सुविधा और संदर्भ सामग्री उपलब्ध होने से छात्रों को निजी कोचिंग पर निर्भरता कम करनी पड़ेगी।
अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में यूपीएससी, पीसीएस, एसएससी, बैंकिंग, रेलवे, पुलिस भर्ती, शिक्षक पात्रता परीक्षा सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी अद्यतन पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही साहित्य प्रेमियों के लिए हिंदी एवं अन्य भाषाओं की पुस्तकों का संग्रह भी बढ़ाया जाएगा।
सदस्यों ने दिए सुझाव
बैठक में उपस्थित समिति के सदस्यों ने भी अपने सुझाव रखे। नगर पालिका अध्यक्ष अरशद जमाल ने पुस्तकालय को नगर के विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाने की बात कही। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष उपाध्याय ने स्कूल स्तर से छात्रों को पुस्तकालय से जोड़ने पर बल दिया।
सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य दिवाकर राय शर्मा, चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव, संजय पांडे और अमृता राव ने कहा कि पुस्तकालय केवल पुस्तकों का संग्रह नहीं, बल्कि ज्ञान और संस्कारों का केंद्र होना चाहिए। इसके लिए नियमित गतिविधियां, वाचन कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं आयोजित की जानी चाहिए।
शिक्षा और संस्कृति को मिलेगा नया आयाम
राजकीय जिला पुस्तकालय के सुदृढ़ीकरण से न केवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को लाभ मिलेगा, बल्कि जिले में पठन-पाठन और साहित्यिक संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा। पुस्तकालय को ज्ञान का केंद्र बनाकर युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का यह प्रयास शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हो सकता है।
बैठक के समापन पर जिलाधिकारी ने सभी सदस्यों को सहयोग के लिए धन्यवाद दिया और शीघ्र प्रस्तावों को धरातल पर उतारने का भरोसा दिलाया।

rkpNavneet Mishra

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