आजकल शीघ्र प्रेम विवाह के साथ
शीघ्र पति-पत्नी के अलग होने की
परम्परा का भी रिवाज चल रहा है,
फ़िल्मी सभ्यता का विकास हो रहा है।
दो शादीशुदा वकील के पास आये,
दो वर्ष पहले भी यही दोनो आए थे,
तब वे दोनो पति – पत्नी भी नहीं थे,
राय मांगने आए थे, शादी करनी है।
वकील ने उनको समझाया था कि,
जल्दी न करो, कुछ दिन संग रह लो,
एक-दूसरे से परिचित तो हो जाओ,
फिर कर लेना, पर जैसे जल्दी में हों।
प्रेम साधारणतः पागलपन सा होता है,
बोले नहीं, हमें अब एक साथ रहना है,
अब फिर आए, कहते हैं किसी तरह,
हम दोनो का अब छुटकारा करवाओ।
वकील बोले पहले भी तुम नहीं माने,
दो साल में एक दूजे से ऊब गये हो।
छुटकारे की इतनी जल्दी क्या है,
तब भी जल्दी की, अब मत करो।
ऐसा करो कि दोनों दो चार महीनों
के लिए अलग अलग हो कर रहो।
पत्नी घर मेंरह गयी, पति गोआ गया,
आठ दिन बाद,अकेले मन नहीं लगता।
वकील ने कहा पहले भी भूल की थी,
अगर तुम्हारा छुटकारा करवा देता,
एक दूसरे के साथ नहीं रह सकते,
अपने से ऊब, दूसरे को पकड़ते हो।
जो अपने के साथ रहना सीख गया,
वह पूरे संसार के साथ में मज़े में है,
अब वह किसी की तलाश में नहीं हैं,
आदित्य कोई आए न आए, मजे में है।
डा. कर्नल आदि शंकर मिश्र
‘आदित्य’
मौसम (राष्ट्र की परम्परा)। दिल्ली और उसके आसपास के दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में बीते 24 घंटों…
मार्ग पर यातायात हुआ आसान, आगरा को मिली बड़ी सौगात आगरा (राष्ट्र की परम्परा)।आगरा जनपद…
17 फ़रवरी को हुए प्रमुख निधन ,इतिहास के पन्नों में दर्ज महान व्यक्तित्व 17 फ़रवरी…
विज्ञान लोकप्रियकरण कार्यक्रम से 120 छात्रों को मिला करियर-ओरिएंटेड अनुभव आगरा (राष्ट्र की परम्परा)। विज्ञान…
हनुमान जी की लंका से अयोध्या वापसी की पौराणिक शास्त्रोक्त कथा रामायण की अमर गाथा…
📌 इतिहास के पन्नों में 17 फ़रवरी : जानिए इस दिन जन्मे महान व्यक्तित्वों का…