बलिया( राष्ट्र की परम्परा)l रेवती कस्बे में धार्मिक आयोजन व जुलूस आदि के दौरान निर्धारित डेसिबल से अधिक आवाज में डीजे बजाना एक तरफ कानूनी अपराध है। वही यह फैशन और परम्परा बनता जा रहा है। अभी हाल ही में संपन्न हुए दुर्गापूजा के दौरान बज रहे डीजे से सबसे अधिक परेशानी बुजुर्ग और शिशुओ को हुई। विसर्जन के दिन यह जुलूस जिस मार्ग से गुजर रहा था,उस मार्ग में निवास करने वाले लोग कलेजे थाम कर बैठ जा रहे थे। कुल 22 पूजा कमेटियो में प्रत्येक कमेटी के साथ पीकअप 16 – 16 साउंड सिस्टम तथा बज रहे ऊंचे आवाज में डीजे से लोगो को बहुत परेशानी हुई, परन्तु धार्मिक आयोजन के चलते पुलिस प्रशासन के साथ ही इससे पीड़ित लोग कलेजे थाम कर इस पीड़ा को झेला। दो वर्ष पहले महावीरी झंडा जुलूस के दौरान बलिया पुलिस लाइन से ड्यूटी करने आए एक सिपाही को जान गवाना पड़ा।इस घटना के बाद अपने कार्यकाल में तत्कालिन एसओ शिव मिलन ने डीजे पर पूरी तरह रोक लगायी थी। रेवती सीएचसी के अधीक्षक डा. रोहित रंजन ने बताया कि ध्वनि प्रदूषण का सबसे अधिक खतरनाक प्रभाव अस्वस्थ वृद्धों और बच्चों पर पड़ता है जिसके चलते उनकी स्मरण शक्ति के साथ साथ श्रवण शक्ति भी प्रभावित होती है।उन्होने बताया कि 90 डेसिबल से अधिक कि तीव्रता पर सुनी जाने वाली ध्वनि हमारे कान की कोशिकाओं एवं उसमे मौजूद फ्लूड को प्रभावित करने के साथ साथ हमें हृदय संबंधी विकार दे सकती है।
रेवती एसएचओ हरेंद्र सिंह ने बताया कि सभी पूजा कमेटियो को हिदायत दिया गया था कि निर्धारित वैल्यूम के तहत ही साउंड सिस्टम का प्रयोग करें। लेकिन इस पर किसी ने अमल नही किया।
बच्चों को सकुशल पाकर परिजनों ने पुलिस टीम की सराहना की शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)।…
शहर से लेकर तहसील क्षेत्रों तक अधिकारियों ने की निगरानी, आयोजकों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश…
कम उम्र के लड़के-लड़कियों को बुलाकर हुक्के का नशा कराने की सूचना पर कार्रवाई गोरखपुर(राष्ट्र…
सीओ गोरखनाथ रवि सिंह और एसीएम प्रथम पवन कुमार जायसवाल ने किया निरीक्षण गोरखपु(राष्ट्र क़ी…
सुरौली पुलिस की साइबर टीम ने त्वरित कार्रवाई कर पीड़ित को दिलाई शत-प्रतिशत धनराशि देवरिया…
महिला पुलिस टीम ने तत्परता दिखाकर खोजा परिवार, पहचान और सत्यापन के बाद पिता को…