‘एक जनपद-एक व्यंजन’ से पूर्वांचल के स्वाद को मिलेगी नई पहचान

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में उत्तर प्रदेश शासन द्वारा प्रस्तावित ‘ओडीओसी’ अभियान का शुभारंभ

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश शासन की महत्वाकांक्षी पहल “ओडीओसी- एक जनपद एक व्यंजन” के अंतर्गत गोरखपुर मंडल के पारंपरिक व्यंजनों की पहचान, प्रलेखन और प्रोत्साहन हेतु प्रथम चरण का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “वोकल फॉर लोकल” और “लोकल टू ग्लोबल” अवधारणा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा तथा राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के संरक्षण में आयोजित हुआ। कुलपति प्रो. पूनम टंडन कार्यक्रम की संरक्षक रहीं और प्रो. दिव्या रानी सिंह अभियान की नोडल अधिकारी हैं।
गृह विज्ञान विभाग द्वारा तैयार प्रस्ताव सर्वेक्षण, साक्षात्कार और शोध के आधार पर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महाराजगंज के पारंपरिक व्यंजनों का वैज्ञानिक प्रलेखन, पोषण विश्लेषण, मानकीकरण, संरक्षण, ब्रांडिंग और उद्यमिता से जुड़ाव सुनिश्चित करना है।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि यह पहल युवाओं के लिए खाद्य उद्योग और स्वरोजगार के नए अवसर खोलेगी। बदलती जीवनशैली के बीच पारंपरिक और पौष्टिक आहार की ओर लौटना समय की आवश्यकता है। योजना का उद्देश्य केवल व्यंजनों की सूची तैयार करना नहीं, बल्कि उनसे जुड़ी सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को संरक्षित करना भी है।
जनपदवार चयनित व्यंजनों में गोरखपुर से दाल पीठा, घाठी, तिसी का लड्डू, गुजिया और महुअर, देवरिया से रिखवाचा, पुआ, बखीर, दाल भरी पुड़ी और सत्तू, कुशीनगर से लकठा और गुड़ आधारित मिठाइयाँ तथा महाराजगंज से चूड़ा मटर, रामकटोरी और कसार शामिल हैं। ये व्यंजन पूर्वांचल की कृषि परंपरा, त्योहारों और सामाजिक जीवन से गहराई से जुड़े हैं।

ओडीओसी दस्तावेज का विमोचन कर शासन को प्रेषित किया गया है। भविष्य में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तहत इस योजना को और विस्तार देने की संभावना है। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने पारंपरिक खाद्य विरासत को “लोकल टू ग्लोबल” की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
भविष्य की कार्ययोजना में वैज्ञानिक मानकीकरण, रेसिपी प्रकाशन, प्रशिक्षण, स्टार्टअप मॉडल, ई-कॉमर्स ब्रांडिंग और GI टैग की संभावनाओं पर कार्य शामिल है।

rkpNavneet Mishra

Recent Posts

जमीन विवाद से बढ़ा तनाव: बुजुर्ग वकील की मौत, प्रधान पर हत्या जैसे आरोप

प्रशासनिक लापरवाही या साजिश? सड़क विवाद में अधिवक्ता की संदिग्ध मौत देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)…

8 hours ago

संस्कार, अनुशासन और आत्मनिर्भरता से ही बनती है विशिष्ट पहचान: वैभव चतुर्वेदी

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला मुख्यालय स्थित प्रभादेवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में स्नातक-परास्नातक के…

8 hours ago

ग्राम प्रधान के अधिकार छीने जाने से बढ़ी अव्यवस्था ग्रामीणों में आक्रोश

शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)l जनपद के गढ़िया रंगीन कस्बे में इन दिनों सफाई व्यवस्था पूरी…

9 hours ago

भूमि विवाद निस्तारण व फॉर्मर रजिस्ट्री में तेजी लाएं, लापरवाही पर होगी कार्रवाई: डीएम

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में भूमि विवाद मुक्त राजस्व ग्राम अभियान और फॉर्मर रजिस्ट्री…

9 hours ago

मोबाईल नंबर जिन उपभोक्ताओं बदला उनकी परेशानी ब

सिकंदरपुर /बलिया( राष्ट्र की परम्परा) गैस बुकिंग और केवाईसी प्रक्रिया को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानियां…

11 hours ago

प्रशिक्षण ही आदर्श पुलिसकर्मी की नींव: एसपी शक्ति मोहन अवस्थ

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने पुलिस लाइन स्थित आरटीसी रिक्रूट…

11 hours ago