“रोड नहीं तो वोट नहीं” – ग्रामीणों ने चंदा और श्रमदान से बनाई अपनी सड़क

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। रसड़ा विकासखंड के चंद्रवार गांव की दलित बस्ती ने अपने हौसले और मेहनत से एक अनोखी मिसाल कायम की है। बरसों से टूटी-फूटी सड़क के कारण धूल और कीचड़ झेलते ग्रामीणों ने जब नेताओं और प्रशासन से बार-बार गुहार लगाई, तो उन्हें सिर्फ़ आश्वासन ही मिला। थक-हार कर अब उन्होंने अपने ही दम पर सड़क दुरुस्त करने का बीड़ा उठाया। ग्रामीणों ने चंदा इकट्ठा किया, कंधे से कंधा मिलाकर श्रमदान किया और सड़क की मरम्मत शुरू कर दी। नाराज़ लोगों ने चेतावनी देते हुए कहा – “रोड नहीं तो वोट नहीं।” उनका कहना है कि यदि अब भी समस्या का स्थायी हल नहीं हुआ तो वे आगामी चुनाव में मतदान से दूरी बना लेंगे।
सत्यजीवन, वासदेव, रामकेवल और राघवेंद्र राजभर जैसे ग्रामीणों की अगुवाई में महिलाएं भी कंधे से कंधा मिलाकर काम में जुटीं। गांव की यह जिद और संघर्ष अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन चुका है। टूटी सड़क की धूल से उठी यह आहट नेताओं की नींद कब तोड़ेगी, यह देखने की बात है।

Karan Pandey

Recent Posts

बार-बार आगजनी से बाजार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

🔥 धनबाद स्टील गेट सब्जी मार्केट में भीषण आग, एक दर्जन दुकानें स्वाहा, लाखों का…

3 minutes ago

महाशिवरात्रि पर बाबा बैद्यनाथ धाम में रातभर चला शिव-पार्वती विवाह अनुष्ठान

महाशिवरात्रि पर बाबा बैद्यनाथ धाम में शिव-पार्वती विवाह, चतुष्प्रहर पूजा में उमड़ा आस्था का सैलाब…

7 minutes ago

मॉर्निंग वॉकर चेकिंग अभियान: देवरिया पुलिस ने बढ़ाया सुरक्षा का भरोसा, 216 लोगों की जांच

देवरिया जनपद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विशेष मॉर्निंग वॉकर चेकिंग…

25 minutes ago

बिहार में सुरक्षा को मिलेगी नई ताकत: एसएपी में 17 हजार पदों पर बहाली, अर्धसैनिक बलों के रिटायर्ड जवानों को भी मौका

रिटायर्ड सेना और अर्धसैनिक बलों के जवान बनेंगे बिहार की सुरक्षा की रीढ़ Aiनिर्मित सांकेतिक…

1 hour ago

16 फ़रवरी को हुए ऐतिहासिक निधन

🕯️ 16 फ़रवरी को हुए निधन: भारतीय और वैश्विक इतिहास के प्रमुख व्यक्तित्व16 फ़रवरी को…

1 hour ago

मेकअप नहीं, मानवता ही असली आभूषण

अंधेरी खदान से प्रशासनिक शिखर तक ♥️ कहानी – एपिसोड 1 ♥️ जीवन का असली…

2 hours ago