गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयूजीयू) और रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर–आईसीएमआर (आरएमआरसी) के बीच सोमवार को अकादमिक एवं शोध सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। विश्वविद्यालय परिसर में हुए इस कार्यक्रम ने जैविक विज्ञान अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत की।
इस साझेदारी के तहत उभरते एवं अंतःविषय क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएँ, शिक्षकों–छात्रों का आदान–प्रदान, शैक्षणिक संसाधनों का साझा उपयोग, कौशल आधारित कार्यक्रम और संयुक्त संगोष्ठी–सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि यह प्रयास शैक्षणिक पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाएगा और विद्यार्थियों को नवाचार व समाज में योगदान के व्यापक अवसर प्रदान करेगा।
एमओयू पर हस्ताक्षर प्रो. हरी शंकर जोशी (निदेशक, आईसीएमआर–आरएमआरसी) प्रो. दिनेश यादव (निदेशक, अनुसंधान एवं विकास, डीडीयूजीयू), डॉ. रामवंत गुप्ता (निदेशक, अंतर्राष्ट्रीय प्रकोष्ठ) तथा दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किए गए।
डीजल पर विंडफॉल टैक्स में बड़ी कटौती, पेट्रोल के निर्यात पर बढ़ा शुल्क! 16 अक्टूबर…
Ai निर्मित दिल्ली में तिरंगा मार्च से पहले हाई अलर्ट! कनॉट प्लेस छावनी में तब्दील,…
फोटो x से पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर देर रात हंगामा, NSUI बोली—FIR दर्ज होने…
कोहरा, धुंध या स्मॉग? जानिए कौन आपकी सेहत और फेफड़ों के लिए है सबसे खतरनाक…
फोटो goo फैशन एवं ब्यूटी | चन्द्र प्रभा पाण्डेय फोटो goo शारदीय नवरात्रि में कन्या…
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। सिंचाई, कृषि यंत्रों…