नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही गुरुवार को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई, जिसके साथ ही 21 दिवसीय मानसून सत्र का समापन हो गया। सत्र के अंतिम दिन भी विपक्षी दलों ने बिहार एसआईआर और कथित वोट चोरी के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
अठारहवीं लोकसभा का पांचवां सत्र 21 जुलाई से शुरू हुआ था। सत्र की शुरुआत से ही विपक्ष ने हंगामा किया, जिसके चलते कई बार कार्यवाही बाधित रही। हालांकि, 28 और 29 जुलाई को ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष चर्चा शांतिपूर्ण ढंग से हुई और प्रधानमंत्री ने इसका जवाब भी दिया।
लोकसभा की कार्यवाही गुरुवार को स्थगित होने से पहले 12 विधेयक बिना चर्चा या संक्षिप्त चर्चा के साथ पारित किए गए। इनमें प्रमुख विधेयक शामिल हैं:
अनुसूचित जनजातियों के विधानसभा क्षेत्रों के पुनर्समायोजन से संबंधित गोवा विधेयक 2025
मर्चेंट शिपिंग विधेयक 2025
राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक 2025
राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग (संशोधन) विधेयक 2025
भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) विधेयक 2025
ऑनलाइन खेल संवर्धन और विनियमन विधेयक 2025
इसके अलावा आयकर विधेयक, कराधान कानून (संशोधन), भारतीय बंदरगाह, खनिज एवं खनिज विकास (संशोधन) सहित अन्य विधेयक भी पारित हुए।
लोकसभा ने संविधान (130वां संशोधन) विधेयक 2025, संघ राज्य क्षेत्र शासन (संशोधन) विधेयक 2025 और जम्मू कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2025 को संसद की संयुक्त समिति (JPC) को भेजने का निर्णय लिया। इन विधेयकों में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों के खिलाफ गंभीर आपराधिक आरोपों की स्थिति में पद से हटाने का प्रावधान शामिल है।
लोकसभा अध्यक्ष ने सत्र के दौरान विपक्ष के लगातार हंगामे पर नाराजगी जताते हुए कहा कि “सदन की कार्यवाही को नियोजित तरीके से बाधित करना लोकतंत्र और संसदीय मर्यादा के विपरीत है।”
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