बलरामपुर (उत्तर प्रदेश), (राष्ट्र की परम्परा)— महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। विशनपुर टनटनवा गांव में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 38.49 लाख रुपये की हेराफेरी के आरोप में पुलिस ने ग्राम प्रधान सहित छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि यह मामला करीब ढाई महीने पहले पचपेड़वा के खंड विकास अधिकारी की ओर से दर्ज कराया गया था। शिकायत में तालाब निर्माण कार्य में मजदूरों के नाम पर फर्जी दस्तावेज बनाकर सरकारी धन की हेराफेरी का आरोप लगाया गया था।
जांच के बाद आरोप सही पाए गए। बुधवार रात पुलिस ने जिन छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें ग्राम प्रधान अब्दुल वहाब, ग्राम विकास अधिकारी गिरिजा शंकर, रोजगार सेवक मोहम्मद जुबेर खान, अपर कार्यक्रम अधिकारी अतुल कुमार मिश्रा, अवर अभियंता प्रदीप कुमार चौधरी और एक अन्य ग्राम विकास अधिकारी अजय यादव शामिल हैं।
पुलिस अब इन सभी आरोपियों से विस्तृत पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गबन में और कौन-कौन शामिल हो सकते हैं।
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