कालाजार से बचाएगी मेडिकेटेड मच्छरदानी

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के कालाजार प्रभावित आठ ब्लॉक के 33 गांवों में कालाजार से बचाव के लिए लोगों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेडिकेटेड मच्छरदानी उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही लोगों को इस रोग से बचाव के बारे में जागरूक भी किया जा रहा है। साथ ही कालाजार प्रभावित गांवों में कालाजार की वाहक बालू मक्खी से बचाव के लिए अंदरूनी विशिष्ट छिड़काव किया जा रहा है।

      जिला मलेरिया अधिकारी सुधाकर मणि ने बताया कि बनकटा, भटनी,  भाटपार रानी, बैतालपुर, देसई देवरिया, भलुअनी और लार ब्लॉक के कालाजार प्रभावित ऐसे गांवों में जहाँ पिछले तीन वर्षों में कालाजार के केस निकले हैं, मरीज व परिजनों को यह मच्छरदानी देने का प्रावधान है।  इन प्रभावित गांवों के कालाजार मरीजों सहित उनके परिवार के कुल 105 लोगों को मच्छरदानी  दी जानी है,  जिसकी शुरुआत बनकटा ब्लॉक से की गई है। बनकटा ब्लॉक के नियरवा, सिकटिया, जगदीशपुर, नेउरवां और करसड़वा  गांव के  58 लोगों में अब तक मच्छरदानी का वितरण जा चुका है।
       जिला मलेरिया अधिकारी कहा कि कालाजार की वाहक बालू मक्खी के काटने के बाद मरीज बीमार हो जाता है। उसे बुखार होता है, जो रुक-रुक कर   चढ़ता-उतरता है। लक्षण दिखने पर मरीज को चिकित्सक को दिखाना चाहिए। इस बीमारी में मरीज का पेट फूल जाता है। उसे भूख कम लगती है। कालाजार उन्मूलन के लिए सतर्कता और जागरूकता जरूरी है। यदि कालाजार लक्षण वाले व्यक्ति दिखें तो उन्हें तत्काल जांच कराने तथा सरकारी अस्पताल पर इलाज कराने की सलाह दें। उन्होंने लोगों से अपील किया है कि यदि उनके गांव व घर के आस-पास कालाजार के लक्षण वाले व्यक्ति दिखें तो इसकी सूचना आशा कार्यकर्ता व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग को दें, ताकि उनकी भी जांच व उनका उपचार हो सके। दो सप्ताह से अधिक बुखार होने पर कालाजार की आशंका हो सकती है और ऐसे मरीजों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

मच्छरदानी के साथ मिली जानकारी

     बनकटा ब्लॉक के नियरवा गांव के सरवन (30 ) ने बताया कि लोगों को कालाजार से बचाव के बारे में जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही कालाजार से बचाव के लिए  मुझे भी मेडिकेटेड मच्छरदानी मिली है।   यह भी समझाया गया है  कि कालाजार बालू मक्खी से फैलने वाली बीमारी है। यह मक्खी नमी वाले स्थानों पर अंधेरे में पाई जाती है।  कालाजार संक्रमित बालू मक्खी जब किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटती है तो वह भी इस बीमारी की जद में आ जाता है।

सहायक है मेडिकेटेड मच्छरदानी

    महर्षि देवरहवा बाबा मेडिकल कालेज से सम्बद्ध जिला अस्पताल में फिजिशियन डॉ. विजय गुप्ता ने बताया है कि मेडिकेटेड मच्छरदानी पर एक विशेष रसायन लगे होने के कारण बालू  मक्खी या मच्छर मच्छरदानी के पास नहीं आते। इस तरह यह मच्छरदानी प्रभावित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में संक्रमण रोकने में बहुत ही प्रभावशाली है। यह मच्छरजनित अन्य बीमारियों से भी रक्षा करती है।
rkpNavneet Mishra

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