राजकुमार चौहान हत्याकांड का बड़ा खुलासा, 5 और आरोपी गिरफ्तार

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के चिलुआताल क्षेत्र में भाजपा नेता व प्रॉपर्टी डीलर राजकुमार चौहान की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए 5 और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक बाल अपचारी को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह हत्या गहरी रंजिश, सुनियोजित साजिश और आपराधिक गठजोड़ का परिणाम है।

एसएसपी के अनुसार, 17 मार्च की सुबह करीब 6:15 बजे अज्ञात हमलावरों द्वारा राजकुमार चौहान पर हमला किए जाने की सूचना मिली थी। उन्हें इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। परिजनों की तहरीर पर थाना चिलुआताल में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें दो संदिग्ध व्यक्ति घटना से पहले मौके की ओर जाते हुए दिखाई दिए। उनकी पहचान राज चौहान उर्फ निरहू और विपिन यादव के रूप में हुई, जिन्हें पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

आगे की विवेचना में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और कॉल रिकॉर्डिंग से महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। मुख्य आरोपी राज उर्फ निरहू की सबसे अधिक बातचीत दीपक गौड़ से पाई गई। 12 और 14 मार्च की बातचीत में हत्या की साजिश के संकेत मिले। वहीं लालजी यादव उर्फ गट्टू द्वारा आरोपी को आर्थिक और मानसिक सहयोग देने की पुष्टि हुई।

जांच में यह भी सामने आया कि 14 मार्च को भी हत्या का प्रयास किया गया था, लेकिन उस दिन मौका नहीं मिल पाया। इसके बाद लगातार योजना बनाकर 17 मार्च को वारदात को अंजाम दिया गया।

एसएसपी के मुताबिक, शेषनाथ यादव और उसके परिवार की भी इस साजिश में अहम भूमिका रही। वर्ष 2023 में उनके परिवार के एक सदस्य पर गोली चलने की घटना और होली के समय हुए विवाद के चलते वे मृतक से रंजिश रखते थे। इसी के चलते शेषनाथ, उसके पुत्र अंकित और देवव्रत समेत अन्य आरोपियों ने मिलकर दीपक गौड़ और लालजी यादव के साथ साजिश रची।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि आपसी रंजिश के चलते राजकुमार चौहान को रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई और राज चौहान उर्फ निरहू के माध्यम से हत्या कराई गई। घटना के बाद साक्ष्य मिटाने की भी साजिश रची गई। हत्या के दौरान पहने गए खून से सने कपड़ों को एक टीपर वाहन में छिपाकर बाद में जला दिया गया।

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर साक्ष्य छिपाने में प्रयुक्त टीपर वाहन (संख्या UP 53 LT 9553) को सीज कर लिया है। साथ ही जले हुए कपड़ों की राख और कई मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं, जिनमें साजिश से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं।

एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि अब तक इस हत्याकांड में मुख्य आरोपी सहित कुल 7 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और एक बाल अपचारी को किशोर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस जघन्य हत्याकांड में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

rkpNavneet Mishra

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