✨ 26 जनवरी का इतिहास केवल एक तारीख नहीं, बल्कि भारत के लोकतांत्रिक स्वाभिमान, संवैधानिक चेतना और राष्ट्रीय पहचान का प्रतीक है। इसी दिन भारत ने स्वयं को एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया। इसके साथ-साथ 26 जनवरी विश्व इतिहास में भी कई राजनीतिक, सैन्य, सामाजिक और सांस्कृतिक घटनाओं का साक्षी रहा है।
यह लेख 26 जनवरी की प्रमुख घटनाएँ, गणतंत्र दिवस का इतिहास, और इससे जुड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रसंगों को सरल, तथ्यपरक और खोज-अनुकूल भाषा में प्रस्तुत करता है।
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🇮🇳 26 जनवरी 1950: भारत का स्वर्णिम अध्याय
26 जनवरी 1950 को भारत में संविधान लागू हुआ और देश आधिकारिक रूप से गणराज्य बना।
डॉ. राजेंद्र प्रसाद भारत के पहले राष्ट्रपति बने, जबकि चक्रवर्ती राजगोपालाचारी ने गवर्नर जनरल पद से त्यागपत्र दिया।
इसी दिन—
अशोक स्तंभ के सिंह भारत के राष्ट्रीय प्रतीक बने
फेडरल कोर्ट ऑफ इंडिया का नाम बदलकर सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया रखा गया
एच.एम.आई.एस. दिल्ली का नाम बदलकर आई.एन.एस. दिल्ली किया गया
यह दिन भारतीय लोकतंत्र की आत्मा का प्रतीक है।
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🦚 राष्ट्रीय पहचान से जुड़े ऐतिहासिक निर्णय
26 जनवरी 1963 को भारत सरकार ने मोर को राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया।
1972 में शहीद सैनिकों की स्मृति में अमर जवान राष्ट्रीय स्मारक की स्थापना हुई।
1982 में भारतीय रेल ने शाही पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु पैलेस ऑन व्हील्स सेवा शुरू की।
⚠️ प्राकृतिक आपदा और राष्ट्रीय स्मृति
26 जनवरी 2001 को गुजरात के भुज में आया 7.7 तीव्रता का भूकंप आधुनिक भारत की सबसे भयावह प्राकृतिक आपदाओं में गिना जाता है। इस त्रासदी ने आपदा प्रबंधन नीतियों में बड़े सुधार की दिशा तय की।
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🛰️ रक्षा, विज्ञान और कूटनीति
2002: 53वें गणतंत्र दिवस पर अग्नि-2 मिसाइल प्रमुख आकर्षण रही
2003: ईरान के राष्ट्रपति सैयद मोहम्मद खातमी भारत के मुख्य अतिथि बने
2004: ब्रिटेन की महारानी ने बिल गेट्स को नाइटहुड देने की घोषणा की
🏏 खेल और सम्मान (2010)
26 जनवरी 2010 को भारत ने बांग्लादेश को मीरपुर टेस्ट में हराकर सीरीज़ 2-0 से जीती।
इसी दिन पद्म पुरस्कारों की घोषणा हुई, जिनमें शामिल रहे—
ए.आर. रहमान
आमिर ख़ान
रेखा
साइना नेहवाल
वीरेंद्र सहवाग
नारायण कार्तिकेयन
यह वर्ष भारतीय खेल और कला जगत के लिए ऐतिहासिक रहा।
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🌍 अंतरराष्ट्रीय घटनाएँ
1930: भारत में पहली बार स्वराज दिवस मनाया गया
1931: सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी रिहा
1934: जर्मनी-पोलैंड अनाक्रमण संधि
1666: फ्रांस ने इंग्लैंड के विरुद्ध युद्ध घोषित किया
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📌 निष्कर्ष
26 जनवरी का इतिहास भारत की आत्मा, संघर्ष, उपलब्धियों और वैश्विक जुड़ाव को दर्शाता है। यह दिन हमें संविधान, कर्तव्य और नागरिक चेतना की याद दिलाता है।
गणतंत्र दिवस का इतिहास न केवल अतीत की झलक है, बल्कि भविष्य की दिशा भी तय करता है।
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