गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की परीक्षा समिति ने मंगलवार को परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव करने का फैसला किया। विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन स्थित समिति कक्ष में हुई बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने की।
बैठक में तय हुआ कि अब विषम सेमेस्टर की परीक्षाएँ वर्णनात्मक (डिस्क्रिप्टिव) पद्धति से होंगी, जबकि सम सेमेस्टर की परीक्षाएँ वस्तुनिष्ठ प्रश्न (एमसीक्यू) आधारित आयोजित की जाएंगी। वहीं, यदि कोई विद्यार्थी पूरक या बैक परीक्षा देगा, तो उसकी परीक्षा उसी पद्धति से कराई जाएगी जो संबंधित सेमेस्टर के लिए लागू है।
बैठक में मूल्यांकन प्रक्रिया और परीक्षा आयोजन से जुड़े अन्य पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि यह निर्णय परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी, छात्रहितैषी और शैक्षणिक गुणवत्ता के अनुरूप बनाने के लिए लिया गया है। उनका मानना है कि इससे विद्यार्थियों में विषय की गहन समझ विकसित होगी और सीखने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी।
इस अवसर पर प्रति कुलपति प्रो. शांतनु रस्तोगी, परीक्षा नियंत्रक और अन्य विश्वविद्यालय अधिकारी एवं समिति सदस्य उपस्थित रहे।
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