कार्यकाल खत्म होने से पहले बड़ा एक्शन: बलिया की 940 ग्राम पंचायतों की संपत्तियों का सख्त सत्यापन, लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई तय

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। कार्यकाल समाप्ति से पहले बलिया जिले की सभी 17 विकास खंडों की 940 ग्राम पंचायतों में सरकारी चल संपत्तियों का व्यापक और कठोर सत्यापन अभियान शुरू कर दिया गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी के निर्देश पर इस प्रक्रिया को शीर्ष प्राथमिकता में रखा गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब सरकारी सामान के गायब होने, रिकॉर्ड से बाहर पाए जाने या क्षतिग्रस्त स्थिति में मिलने पर संबंधित पंचायत पदाधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई तय है।

इस अभियान का उद्देश्य पंचायत स्तर पर पारदर्शिता, जवाबदेही और सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक ग्राम पंचायत में उपलब्ध सभी चल परिसंपत्तियों का भौतिक सत्यापन अनिवार्य होगा। सत्यापन सूची में 19 प्रकार की सामग्री शामिल हैं-

आलमारी, मेज, कुर्सी-बेंच, कंप्यूटर, यूपीएस, प्रिंटर, सीपीयू, सीसीटीवी कैमरा, डस्टबिन, कैमरा, दरी, बाल्टी, गग, पंखा, कूलर, एसी, पुस्तकें और ठेला आदि।

प्रत्येक वस्तु की वास्तविक संख्या, वर्तमान स्थिति, उपयोग और सुरक्षित भंडारण स्थल का विवरण ग्राम पंचायत सचिव द्वारा निर्धारित प्रारूप में दर्ज कर ब्लॉक कार्यालय में जमा करना होगा। सभी ग्राम पंचायत सचिवों को बिना विलंब सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
कार्यकाल समाप्त होने के बाद यदि कमी, गड़बड़ी या सामग्री के गायब होने का मामला सामने आता है तो सीधी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों पर तय होगी। लापरवाही मिलने पर निलंबन, वसूली और अन्य प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

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नवानगर के खंड विकास अधिकारी विनोद कुमार बिंद ने स्पष्ट कहा,
“सरकारी चल संपत्तियों का सत्यापन किसी भी स्थिति में अधूरा या लापरवाहीपूर्ण नहीं होना चाहिए। सभी पंचायतों में सख्ती से जांच कराई जा रही है। जिम्मेदारी से पीछे हटने वालों पर कार्रवाई सुनिश्चित होगी।”

प्रशासनिक हलकों में इसे आगामी चुनाव/कार्यकाल समाप्ति से पहले पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत करने वाला ठोस कदम माना जा रहा है। पूर्व में पंचायतों में सरकारी सामग्री के गायब होने, निजी उपयोग, रिकॉर्ड से बाहर रखने या खराब स्थिति की शिकायतें सामने आती रही हैं। यह सत्यापन न केवल रिकॉर्ड दुरुस्त करेगा, बल्कि सरकारी संसाधनों के सही उपयोग और रखरखाव को भी सुनिश्चित करेगा।

जिलेभर में चल रहे इस अभियान से ग्राम पंचायतों में जवाबदेही की संस्कृति मजबूत होने और विकास कार्यों की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।

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Karan Pandey

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