बलिया(राष्ट्र की परम्परा) महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से बुधवार को वन स्टाप सेंटर, बलिया में एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार तथा जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलिया श्री अनिल कुमार झा के आदेश पर संपन्न हुआ। शिविर की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलिया के सचिव (पूर्णकालिक) श्री संजय कुमार गोंड ने की।शिविर को संबोधित करते हुए श्री संजय कुमार गोंड ने महिलाओं को उनके संवैधानिक एवं विधिक अधिकारों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज भी समाज में अनेक महिलाएं घरेलू हिंसा, मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न, दहेज प्रताड़ना और सामाजिक भेदभाव का सामना कर रही हैं, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण वे कानूनी सहायता नहीं ले पातीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी किसी भी स्थिति में पीड़ित महिला बिना किसी भय या संकोच के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क कर सकती है, जहां उन्हें निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।कार्यक्रम के दौरान कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम की भी जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि प्रत्येक संस्था में आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है, जिससे महिलाएं सुरक्षित वातावरण में काम कर सकें। इसके अतिरिक्त लैंगिक अपराधों से बालकों के संरक्षण अधिनियम (POCSO) 2012 पर भी विस्तार से चर्चा की गई। श्री गोंड ने बताया कि यह अधिनियम बच्चों को लैंगिक शोषण, उत्पीड़न एवं अश्लील अपराधों से बचाने के लिए बनाया गया है और इसके तहत दोषियों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान है।उन्होंने नालसा (NALSA) की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने के लिए एलएसएमएस (LSMS) पोर्टल तथा टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 की सुविधा उपलब्ध है। इन माध्यमों से कोई भी व्यक्ति घर बैठे निःशुल्क कानूनी सलाह और सहायता प्राप्त कर सकता है।शिविर के दौरान उपस्थित महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। घरेलू हिंसा एवं दहेज उत्पीड़न से जुड़े कई मामलों में मौके पर ही आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया तथा कुछ प्रकरणों के त्वरित निस्तारण की प्रक्रिया शुरू की गई। इससे महिलाओं में विश्वास और संतोष का माहौल देखने को मिला।इस अवसर पर वन स्टाप सेंटर की केंद्र प्रशासक श्रीमती प्रिया, कार्यालय सहायक श्री हर्षवर्धन, अंजलि सिंह, निकिता सिंह सहित अन्य कर्मचारी और पीड़ित महिलाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर, जागरूक और न्याय के प्रति सजग बनाना रहा, ताकि वे अपने अधिकारों की रक्षा स्वयं कर सकें।
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