इतिहास में 23 जनवरी: नेताजी से लेकर अंतरराष्ट्रीय फैसलों तक

23 जनवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ: इतिहास, राजनीति, विश्व और भारत से जुड़ी बड़ी घटनाओं का विस्तृत लेख

भूमिका
23 जनवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ इतिहास के पन्नों में एक विशेष स्थान रखती हैं। यह दिन न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए राजनीतिक, सामाजिक, सैन्य और ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद अहम रहा है। इसी तिथि को महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाषचंद्र बोस का जन्म हुआ, जिसने इस दिन को और भी गौरवशाली बना दिया। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के ऐतिहासिक आदेश, युद्धविराम की घोषणाएँ, सरकारों के गठन-विघटन, आर्थिक फैसले और सामाजिक बदलावों ने 23 जनवरी को इतिहास में अमर बना दिया।

23 जनवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ: हाल के वर्षों की झलक
2020 की प्रमुख घटनाएँ
साल 2020 में 23 जनवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ वैश्विक राजनीति और कूटनीति के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण रहीं।
अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) ने एक ऐतिहासिक आदेश में म्यांमार को निर्देश दिया कि वह रोहिंग्या आबादी की सुरक्षा सुनिश्चित करे। यह फैसला मानवाधिकारों की दिशा में एक बड़ा कदम माना गया।
इसी दिन ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने ब्रिटिश सरकार के ब्रेक्जिट कानून को मंजूरी दी, जिससे यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के अलग होने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से आगे बढ़ी।
भारत में गृह मंत्रालय ने सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार 2020 के विजेताओं की घोषणा की।
इसके साथ ही भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक में भारत 80वें स्थान पर पहुंच गया, जबकि डेनमार्क और न्यूजीलैंड संयुक्त रूप से शीर्ष स्थान पर बने रहे।
2009 से 2006 तक की घटनाएँ
2009 में फ़िल्मी और टेलीविज़न कार्यक्रमों में धूम्रपान दृश्यों पर लगा प्रतिबंध समाप्त हुआ, जिसने मीडिया और सामाजिक विमर्श को नया मोड़ दिया।
2008 में बैंक ऑफ बड़ौदा ने खाड़ी क्षेत्र में अपनी मौजूदगी मजबूत करने के लिए बहरीन में पूर्ण परिचालन शुरू करने की योजना बनाई। इसी वर्ष एलएंडटी को पश्चिमी एशिया से 1057 करोड़ रुपये का बड़ा ऑर्डर मिला और ईरान पर तीसरे प्रतिबंध को लेकर वैश्विक सहमति बनी।
2007 में भारत और रूस के बीच मध्यम आकार के बहुउद्देशीय परिवहन विमान के उत्पादन हेतु घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर हुए।
2006 में भारत ने पाकिस्तान को सर्वाधिक वरीयता प्राप्त राष्ट्र (एमएफएन) का दर्जा देने की सिफारिश को मंजूरी दी।
23 जनवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ: भारत से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाएँ
2005 से 2002
2005 में उत्तर प्रदेश के फिरोज़ाबाद में फरक्का एक्सप्रेस से छह लोगों को बाहर फेंकने की दर्दनाक घटना सामने आई, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई।
2004 में मध्यप्रदेश में गोवंश वध पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया गया।
2003 में नेपाल की चार प्रमुख पार्टियों ने राजशाही द्वारा निर्वाचित सरकार को बर्खास्त किए जाने का संयुक्त रूप से विरोध किया।
2002 में राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव जमानत पर रिहा हुए।
1993 से 1977
1993 में इराक ने अमेरिकी विमानों पर हमले के आरोपों को खारिज करते हुए युद्धविराम का पालन करने की घोषणा की।
1992 में एस्टोनिया के प्रधानमंत्री एडगर सैविसार ने इस्तीफा दिया।
1991 में इराक के तेल मंत्रालय ने गैसोलिन की बिक्री पर रोक लगाई।
1977 में भारतीय राजनीति में एक बड़ा मोड़ आया जब जनता पार्टी का गठन हुआ।
23 जनवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ: विश्व इतिहास में योगदान
1973 से 1965
1973 में वियतनाम युद्ध को समाप्त करने के लिए हुए समझौते की घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने की।
1968 में उत्तरी कोरिया ने अमेरिकी जहाज यूएसएस पुएब्लो को जब्त कर लिया।
1966 में इंदिरा गांधी भारत की प्रधानमंत्री बनीं, जो भारतीय राजनीति में एक ऐतिहासिक क्षण था।
1965 में दुर्गापुर इस्पात संयंत्र ने काम करना शुरू किया, जिससे औद्योगिक विकास को गति मिली।
1924 से 1897
1924 में सोवियत संघ ने लेनिन की मृत्यु की आधिकारिक घोषणा की।
1920 में हॉलैंड ने जर्मनी के विलियम द्वितीय को मित्र देशों के हवाले करने से इंकार किया।
1913 में तुर्की की सैनिक क्रांति के दौरान नाजिम पाशा मारे गए।
1897 में नेताजी सुभाषचंद्र बोस का जन्म कटक में हुआ, जिसने 23 जनवरी को भारतीय इतिहास में अमर बना दिया।
23 जनवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ: प्राचीन और मध्यकालीन इतिहास
1849 में प्रशिया ने ऑस्ट्रिया के बिना जर्मन यूनियन का प्रस्ताव रखा और इसी दिन एलिजाबेथ ब्लैकवेल पहली अमेरिकी महिला बनीं जिन्होंने मेडिकल डिग्री हासिल की।
1799 में फ्रांसीसी सैनिकों ने नेपल्स पर कब्जा किया।
1793 में ह्यूमन सोसायटी ऑफ फिलाडेल्फिया का गठन हुआ।
1668 में इंग्लैंड और हॉलैंड के बीच सहयोग समझौता हुआ।
1570 में स्कॉटलैंड के रीजेंट मोरे के अर्ल की हत्या हुई।
1556 में चीन के शेनसी प्रांत में आए विनाशकारी भूकंप में हजारों लोगों की जान गई।
निष्कर्ष
स्पष्ट है कि 23 जनवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ केवल तारीख भर नहीं हैं, बल्कि यह दिन इतिहास, राजनीति, मानवाधिकार, युद्ध, शांति और सामाजिक बदलावों का साक्षी रहा है। भारत के लिए यह दिन नेताजी सुभाषचंद्र बोस के जन्मदिवस के कारण गर्व और प्रेरणा का प्रतीक है, जबकि विश्व स्तर पर भी इस तिथि ने कई निर्णायक फैसलों को जन्म दिया। इतिहास को समझने और वर्तमान को दिशा देने के लिए ऐसी तिथियों का अध्ययन बेहद आवश्यक है।

Editor CP pandey

Recent Posts

नेताजी जयंती पर गोरखपुर में आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा) देश के महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती…

20 minutes ago

दिशाहीन कर्म और अधूरा धर्म, समाज के लिए बड़ी चुनौती

कैलाश सिंह  महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। आज का समाज तेज़ी से प्रगति की ओर बढ़…

60 minutes ago

ईरान की ट्रंप को चेतावनी: हमला हुआ तो होगी पूर्ण जंग

https://rkpnewsup.com/high-command-strict-on-bihar-congress-discord-rahul-gandhi-gave-message/येतेहरान (राष्ट्र की परम्परा)। ईरान ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कड़ी चेतावनी…

1 hour ago

बिहार कांग्रेस कलह पर हाईकमान सख्त, राहुल गांधी ने दिया संदेश

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। बिहार कांग्रेस में चल रही अंदरूनी कलह को थामने के…

1 hour ago

Budget 2026: शिक्षा सेक्टर को मिल सकता है बड़ा फंड, AI पर फोकस

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। Budget 2026 को लेकर अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है।…

1 hour ago

ICC ODI Rankings: डेरिल मिशेल बने नंबर-1 बल्लेबाज, विराट कोहली पीछे

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। ICC ODI Rankings में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है।…

2 hours ago