पूर्वांचल में 140 उद्यमों को सहयोग देगी जागृति उद्यम केंद्र–पूर्वांचल, सात जिलों में नया कोहोर्ट शुरू


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। पूर्वांचल के उद्यमियों के लिए बड़ी पहल करते हुए जागृति उद्यम केंद्र–पूर्वांचल ने वर्ष 2026–27 में 140 उद्यमों को इन्क्यूबेशन सहयोग देने की घोषणा की है। बरपार स्थित बरगद सभागार में आयोजित रणनीतिक बैठक में सात जिलों के उद्यम कोर और उद्यम मित्रों ने नए कोहोर्ट की रूपरेखा, चयन प्रक्रिया और मोबिलाइजेशन रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।
इन्क्यूबेशन निदेशक विश्वास पांडेय ने बताया कि जागृति उद्यम केंद्र–पूर्वांचल का लक्ष्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि चयनित उद्यमों को संरचित मार्गदर्शन, बाजार से जोड़ना, वित्तीय साक्षरता और विस्तार रणनीति के साथ मजबूत बनाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 140 उद्यमों को सहयोग बहु-स्तरीय चयन प्रक्रिया के माध्यम से दिया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।

ये भी पढ़ें – 15 अप्रैल को जारी होगी देवरिया पंचायत की अंतिम निर्वाचक नामावली

सात जिलों से आमंत्रित होंगे आवेदन
देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, संत कबीर नगर, बलिया और मऊ जिलों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। चयन के दौरान उद्यम की प्रतिबद्धता, विस्तार की संभावना और रोजगार सृजन क्षमता को प्राथमिकता दी जाएगी।
डिजिटल सीओई मैनेजर अभिषेक भारद्वाज और उद्यम कोर दुर्गेश सिंह ने बताया कि जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र, एनआरएलएम, खादी ग्रामोद्योग, डूडा और आरसेटी जैसी संस्थाओं के सहयोग से जागृति उद्यम केंद्र–पूर्वांचल की पहुंच लगातार बढ़ रही है। इससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के स्टार्टअप को बेहतर अवसर मिल रहे हैं।

ये भी पढ़ें – राहुल गांधी सुल्तानपुर अदालत पेशी: अमित शाह मानहानि केस में अगली सुनवाई 9 मार्च को

280 से अधिक उद्यमों को मिल चुका है सहयोग
मैनेजर इंपैक्ट डॉ. खुशबू शर्मा के अनुसार, अब तक जागृति उद्यम केंद्र–पूर्वांचल 280 से अधिक उद्यमों को इन्क्यूबेशन सहायता दे चुका है। इन उद्यमों के माध्यम से लगभग 98.5 करोड़ रुपये का सामूहिक राजस्व उत्पन्न हुआ है।
साथ ही 5.07 करोड़ रुपये की फंडिंग सहायता उपलब्ध कराई गई, जिससे 2,601 से अधिक रोजगार सृजित हुए और 8,310 से अधिक किसान लाभान्वित हुए। इन उपलब्धियों के आधार पर इस वर्ष 140 उद्यमों को सहयोग का लक्ष्य और अधिक प्रभावी बनाने की रणनीति तैयार की गई है।
मोबिलाइजेशन में सामने आईं चुनौतियां
बैठक में प्रस्तुत प्रगति रिपोर्ट के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी, दस्तावेजी प्रक्रिया को लेकर भ्रम और डिजिटल प्लेटफॉर्म की सीमित समझ को प्रमुख चुनौतियों के रूप में चिन्हित किया गया।
हालांकि, स्थानीय स्तर पर परामर्श बैठकें, जागरूकता अभियान और संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से इन बाधाओं को दूर करने के प्रयास जारी हैं। अधिकारियों का मानना है कि यदि मोबिलाइजेशन की गति और गुणवत्ता बनी रही तो 140 उद्यमों को सहयोग का लक्ष्य समय पर पूरा किया जा सकेगा।

ये भी पढ़ें – असंसदीय शब्द पर बवाल: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जताया खेद

इन सेक्टर के उद्यमी कर सकते हैं आवेदन
इन्क्यूबेशन निदेशक विश्वास पांडेय ने बताया कि निम्न क्षेत्रों के उद्यमी आवेदन कर सकते हैं:कृषि एवं कृषि-प्रसंस्करण,हस्तकला एवं स्थानीय शिल्प,कपड़ा एवं फैशन,सेवा क्षेत्र,डिजिटल स्टार्टअप,एफएमसीजी
नवाचार आधारित उद्यम।
जागृति उद्यम केंद्र–पूर्वांचल का उद्देश्य पूर्वांचल में रोजगार आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देना है। विशेषज्ञों का मानना है कि 140 उद्यमों को सहयोग देने की यह पहल क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकती है।
आइय जानते हैं क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?
पूर्वांचल में युवाओं के बीच स्टार्टअप और स्वरोजगार की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में जागृति उद्यम केंद्र–पूर्वांचल द्वारा 140 उद्यमों को सहयोग देने का निर्णय न केवल आर्थिक विकास को गति देगा, बल्कि ग्रामीण उद्यमियों को भी राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने में सहायक होगा।
यह पहल रोजगार, राजस्व और कृषि-आधारित उद्यमों के विस्तार में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।

Editor CP pandey

Recent Posts

बाढ़ राहत में भ्रष्टाचार का भंडाफोड़: तहसील से तंत्र तक हिल गया सिस्टम

भ्रष्टाचार कोविड महामारी या कैंसर से भी अधिक खतरनाक बीमारी है, क्योंकि यह धीरे-धीरे पूरे…

10 hours ago

भागवत कथा में शुकदेव-परीक्षित संवाद और भक्ति का महत्व बताया गया

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। नगर के रुद्रपुर स्टैंड पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन…

10 hours ago

अपहरण, दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट का आरोपी गिरफ्तार

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के थाना कोतवाली हाटा पुलिस ने अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो…

10 hours ago

10 अप्रैल से तीन पालियों में होंगी सम सेमेस्टर परीक्षाएं

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में सत्र 2025-26 के अंतर्गत सेमेस्टर प्रणाली…

11 hours ago

भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस पर सेवा, समर्पण और राष्ट्र प्रथम का संकल्प दोहराया

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस के अवसर…

11 hours ago

बलिया जनपद में किसानों के हित में चलाए जा रहे फॉर्मर रजिस्ट्री अभियान

बलिया (राष्ट्र की परम्परा) जनपद में किसानों के हित में चलाए जा रहे फॉर्मर रजिस्ट्री…

12 hours ago