गर्भवतियों का सरकारी अस्पतालों के प्रति बढ़ा विश्वास

माह के एक, नौ, सोलह और चौबीस तारीख को ई- रूपे वाउचर से मिल रही है अल्ट्रसाउंड की सुविधा

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के सरकारी अस्पतालों में सुविधा बढ़ने व जननी सुरक्षा योजना से गर्भवती का सरकारी अस्पतालों पर विश्वास बढ़ा है। इसके चलते संस्थागत प्रसव की भी बढ़ने लगा है। जागरूक महिलाएं सरकारी अस्पतालों में प्रसव कराने के लिए पहुंच रही हैं और उनको सरकारी योजनाओ का लाभ देकर सरकारी अस्पताल में सुरक्षित प्रसव कराया जा रहा है ।
सीएमओ डॉ राजेश झा ने बताया कि गर्भवती के लिए प्रसव पूर्व चार जाँच जरूरी है। गर्भवती सरकारी प्रावधानों के तहत सरकारी अस्पतालों में इस सुविधा का लाभ ले सकती हैं । जाँच में गर्भवती की हिमोग्लोबिन, ब्लड ग्रुप, एचआईवी, मलेरिया और हेपेटाइटिस की जाँच कराई जाती है। इसके आलावा पीएमएसए डे पर ई रूपी वाउचर से पैनल्ड अल्ट्रासाउंड केंद्र पर अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिलती है। पहला अल्ट्रसाउंड तीन माह, दूसरा अल्ट्रासाउंड सात माह और तीसरा अल्ट्रासाउंड नौ माह पर कराया जाता है। महिला की गर्भावस्था का पता चलने के बाद टिटनेस डिप्थीरिया का पहला टीका और एक माह बाद दूसरा टीका लगाया जाता है। । इसके आलावा गर्भवती को प्रसव के दौरान सरकारी अस्पताल लाने और घर ले जाने के लिए एम्बुलेंस की सुविधा दी जाती है। बच्चे के जन्म के दो वर्ष तक अस्पताल लाने और घर पहुँचाने के लिए एम्बुलेंस की सुविधा दी जाती है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पहली बार माँ बनने वाली महिला को पांच हजार रुपये की धनराशि दी जाती है । मुख्यमंत्री कन्या सुमंगल योजना के तहत अधिकतम दो बार मां बनने की स्थिति में बेटी के जन्म लेने पर छह किश्तों में पंद्रह हजार रूपये की धनराशि दी जाती है।

सुविधाएं बढ़ी तो बढ़ रहा प्रसव

    जिला मातृत्व स्वास्थ्य परामर्शदाता विश्वनाथ मल्ल ने बताया कि  विभाग  लगातार संस्थागत प्रसव बढ़ाने  के लिए गर्भवती  को जागरूक कर रहा है । इस वर्ष सितम्बर 2023 तक 18190 गर्भवती का सुरक्षित प्रसव सरकारी अस्पतालों में कराया गया है।

मिली सरकारी सुविधाएं

    मेहड़ा बाहर कांशीराम आवास निवासी नीतू (23) ने बताया कि नवम्बर 2022 में गर्भ धारण बाद आशा कार्यकर्त्ता सुनीता मिश्रा जब घर आईं तो उनके साथ जाँच के लिए नगरीय स्वास्थ्य केंद्र सोमनाथ गईं। इसके बाद माह की हर नौ तारीख को जाँच के लिए स्वास्थ्य केंद्र  गईं। जाँच के दौरान खानपान में पोषक आहार के सेवन की सलाह के साथ आयरन फोलिक एसिड की गोलियों  के सेवन की सलाह चिकित्सक ने दी। इसी दौरान आशा कार्यकर्ता सुनीता ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पंजीकरण भी कराया। पंजीकरण के बाद पहली क़िस्त तीन हजार रूपये, दूसरी क़िस्त  दो हजार रूपये की धनराशि खाते में मिली। नीतू ने बताया कि 10 अगस्त 2023 को प्रसव पीड़ा होने पर आशा कार्यकर्ता सुनीता को इसकी सूचना दी गई। आशा  सरकारी एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल के पीपी सेंटर लेकर गई, जहां  नीतू ने स्वस्थ बेटी को जन्म दिया।
rkpNavneet Mishra

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