स्मार्टफोन में छिपे ऐप्स का ऐसे लगाएं पता! Android और iPhone यूजर्स अपनाएं ये आसान तरीके
विशेष लेख राष्ट्र की परम्परा| परवीन यादव
स्मार्टफोन आज हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। बैंकिंग से लेकर निजी बातचीत, फोटो, वीडियो और सोशल मीडिया तक, हमारी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मोबाइल में सुरक्षित रहती हैं। ऐसे में फोन की प्राइवेसी बनाए रखने के लिए ऐप्स को लॉक करने और छिपाने जैसे फीचर्स काफी उपयोगी साबित होते हैं। लेकिन अगर आपको लगता है कि आपके बच्चे मोबाइल में आपकी जानकारी के बिना कोई अनजान या अनुचित ऐप इस्तेमाल कर रहे हैं, तो फोन में मौजूद ऐप्स की जांच करना जरूरी हो सकता है।
अच्छी बात यह है कि Android और iPhone दोनों में इंस्टॉल किए गए ऐप्स की जानकारी देखने के आसान तरीके मौजूद हैं। इनकी मदद से आप पता लगा सकते हैं कि फोन में कौन-कौन से ऐप्स मौजूद हैं और क्या कोई ऐसा ऐप भी है, जो सामान्य होम स्क्रीन या ऐप ड्रॉअर पर दिखाई नहीं देता।
फोन में छिपे ऐप्स की जांच क्यों है जरूरी?
कई स्मार्टफोन में ऐप्स को छिपाने, उन पर पासकोड लगाने या निजी फोल्डर में रखने की सुविधा मिलती है। इसका इस्तेमाल निजी जानकारी की सुरक्षा के लिए किया जा सकता है। वहीं, बच्चों की डिजिटल गतिविधियों को लेकर चिंतित माता-पिता के लिए फोन में मौजूद ऐप्स की जानकारी रखना भी उपयोगी है।
हालांकि, यह समझना जरूरी है कि किसी ऐप का होम स्क्रीन पर दिखाई न देना इस बात का प्रमाण नहीं है कि उसे जानबूझकर छिपाया गया है। संभव है कि उसका आइकन हटाया गया हो, ऐप किसी अलग फोल्डर में हो या फोन में पहले से मौजूद सिस्टम ऐप हो।
Android फोन में ऐसे देखें सभी इंस्टॉल ऐप्स
Android स्मार्टफोन में इंस्टॉल किए गए ऐप्स की जांच करने का सबसे आसान तरीका फोन की सेटिंग्स है। Google Pixel, Motorola और Samsung जैसे स्मार्टफोन में मेनू के नाम थोड़े अलग हो सकते हैं, लेकिन प्रक्रिया लगभग समान रहती है।
ऐप्स की जांच करने के स्टेप्स:
सबसे पहले फोन की Settings (सेटिंग्स) खोलें।
अब Apps या Applications विकल्प पर जाएं।
इसके बाद See all apps, Manage apps या इसी तरह का विकल्प चुनें।
स्क्रीन पर दिखाई देने वाली ऐप्स की सूची को ध्यान से देखें।
इस सूची की तुलना फोन के ऐप ड्रॉअर में मौजूद ऐप्स से करें।
यदि कोई ऐप सेटिंग्स की सूची में दिखाई देता है, लेकिन ऐप ड्रॉअर में नहीं मिलता, तो उसके बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करना उपयोगी हो सकता है। ऐप के नाम पर टैप करके उसकी जानकारी, अनुमतियां और अन्य उपलब्ध विवरण देखे जा सकते हैं।
ध्यान रखें कि Google Play Store में उपलब्ध ऐप्स की सूची और फोन में वास्तव में इंस्टॉल ऐप्स की सूची अलग हो सकती है। इसलिए केवल Play Store के आधार पर जांच पूरी न मानें।
iPhone में छिपे ऐप्स का पता कैसे लगाएं?
Apple के iPhone में भी ऐप्स को होम स्क्रीन से हटाने, लॉक करने और कुछ परिस्थितियों में छिपाने की सुविधा उपलब्ध है। इसलिए सिर्फ होम स्क्रीन देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि फोन में कौन-कौन से ऐप्स इंस्टॉल हैं।
iPhone में ऐप्स की जांच करने के तरीके:
App Library देखें: होम स्क्रीन पर बाईं ओर स्वाइप करते रहें, जब तक App Library न खुल जाए। यहां ऐप्स को अलग-अलग श्रेणियों में व्यवस्थित किया जाता है।
Hidden फोल्डर जांचें: नए iOS संस्करणों में छिपाए गए ऐप्स App Library के Hidden फोल्डर में मिल सकते हैं। इसे खोलने के लिए Face ID, Touch ID या पासकोड की जरूरत पड़ सकती है।
Settings में जानकारी देखें: फोन की Settings में ऐप्स से संबंधित सूची और उपलब्ध विकल्पों को जांचें।
App Store की सूची देखें: App Store में अपनी प्रोफाइल खोलकर ऐप्स से संबंधित डाउनलोड या उपलब्ध सूची देखें। मेनू का नाम iOS संस्करण के अनुसार बदल सकता है।
App Store में किसी ऐप का नाम मिलना यह साबित नहीं करता कि वह अभी फोन में इंस्टॉल है। इसी तरह डाउनलोड इतिहास में किसी ऐप का दिखाई देना भी उसके वर्तमान इस्तेमाल का पक्का प्रमाण नहीं है।
क्या ऐप छिपा है या सिर्फ होम स्क्रीन से हटाया गया है?
यह अंतर समझना बेहद जरूरी है। कई बार उपयोगकर्ता किसी ऐप को डिलीट किए बिना सिर्फ होम स्क्रीन से हटा देते हैं। ऐसे ऐप iPhone की App Library या Android के ऐप ड्रॉअर और सेटिंग्स में मिल सकते हैं।
कुछ फोन में ऐप्स को सुरक्षित फोल्डर में रखने या अलग प्रोफाइल में इस्तेमाल करने की सुविधा भी होती है। ऐसे मामलों में सामान्य ऐप सूची से पूरी जानकारी नहीं मिल सकती। इसलिए किसी ऐप के बारे में निष्कर्ष निकालने से पहले फोन के मॉडल और उसमें उपलब्ध सुविधाओं को समझना चाहिए।
बच्चों की डिजिटल सुरक्षा के लिए अपनाएं ये उपाय आज बच्चों की पढ़ाई, मनोरंजन और बातचीत का बड़ा हिस्सा ऑनलाइन होता है। ऐसे में केवल फोन की जांच करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों को इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में समझाना भी जरूरी है।
बच्चों के साथ सोशल मीडिया और ऑनलाइन ऐप्स के सुरक्षित इस्तेमाल पर खुलकर बात करें।
Android में Google Family Link और iPhone में Screen Time जैसे पैरेंटल कंट्रोल विकल्पों पर विचार करें।
ऐप्स को कैमरा, माइक्रोफोन, लोकेशन और कॉन्टैक्ट्स जैसी अनुमतियां देने से पहले उनकी जरूरत समझें।
अनजान ऐप्स के नाम, डेवलपर और उद्देश्य की पुष्टि करें।
बच्चों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर बुलिंग और निजी जानकारी साझा करने के खतरों के बारे में बताएं।
उनकी उम्र और सुरक्षा संबंधी जरूरतों के अनुसार उचित डिजिटल नियम बनाएं।
निष्कर्ष
स्मार्टफोन में छिपे या सामान्य स्क्रीन पर दिखाई न देने वाले ऐप्स की जांच करना मुश्किल नहीं है। Android में Settings के Apps सेक्शन और iPhone में App Library, Hidden फोल्डर तथा ऐप्स से जुड़े सेटिंग्स विकल्पों की मदद से उपयोगी जानकारी हासिल की जा सकती है।
लेकिन किसी ऐप का छिपा होना अपने आप में गलत गतिविधि का सबूत नहीं है। बेहतर तरीका यही है कि तकनीकी जांच के साथ संवाद, भरोसे और उचित पैरेंटल कंट्रोल को भी महत्व दिया जाए। इससे बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा बेहतर बनाने के साथ उनकी निजता का सम्मान करना भी संभव होगा।
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