लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा) प्रदेश की होम्योपैथी चिकित्सा शिक्षा प्रणाली में बड़ी कार्रवाई करते हुए निदेशक प्रो. अरविंद कुमार वर्मा को निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ ट्रांसफर-पोस्टिंग में गंभीर अनियमितताओं और पारदर्शिता के अभाव के आरोप लगे थे। जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने के बाद शासन ने यह कठोर कदम उठाया।
सूत्रों के अनुसार, विगत दिनों विभाग में हुए स्थानांतरणों में कई स्तर पर नियमों की अनदेखी की गई थी। शिकायतें मिलने पर उच्चस्तरीय जांच बैठाई गई, जिसमें प्रो. वर्मा की भूमिका संदेह के घेरे में आई। इस बीच जिन अधिकारियों और चिकित्सकों का स्थानांतरण किया गया था, उन्हें तत्काल प्रभाव से उनके मूल पदों पर वापस बुला लिया गया है।
शासन स्तर से मिली जानकारी के मुताबिक, विभाग को जल्द ही नया निदेशक मिलेगा। तब तक अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग के उच्च पदस्थ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि “शासन सेवा में पारदर्शिता और अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। अनियमितता की शिकायतें मिलते ही तत्काल कार्रवाई की गई है।”
उल्लेखनीय है कि प्रो. वर्मा प्रदेश के वरिष्ठ होम्योपैथिक शिक्षकों में गिने जाते रहे हैं, लेकिन उन पर लगे आरोपों ने उनकी प्रशासनिक साख पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।
अब यह देखना अहम होगा कि शासन इस पूरे प्रकरण में आगे और कौन-कौन से कदम उठाता है और नया निदेशक किसे नियुक्त किया जाता है।
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